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दुष्यंत शर्मा हत्याकांड- प्रिया सेठ, लक्ष्य और दीक्षांत के खिलाफ हत्या और अपहरण के सबूत पेश

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priya seth

जयपुर। राजधानी स्थित झोटवाड़ा थाना पुलिस ने दुष्यंत शर्मा हत्याकांड में पकड़े गए तीनों आरोपितों के खिलाफ हत्या और अपहरण के सबूत बुधवार को एसीजेएम क्रम संख्या-3 न्यायालय को सौंप दिए।

पुलिस ने इस मामले में लक्ष्य, दीक्षांत कामरा और प्रिया सेठ के खिलाफ 388 पेज का चालान पेश किया है। परिवादी के अधिवक्ता संदीप लुहाडिय़ा के अनुसार परिवादी का पुत्र दुष्यंत शर्मा 2 मई 2018 को ऑफिस जाने की कहकर घर से निकला था, लेकिन वह घर नहीं लौटा।

पुलिस को दुष्यंत का शव मिला। पुलिस के अनुसार तीनों आरोपितों ने हत्या कर कर दुष्यंत का शव सूटकेस में बंद कर फेंक दिया था, जिस पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

दुष्यंत शर्मा को तो मरना ही था। फिरौती की रकम लेकर भी उसको मौत के घाट उतारते यह तय था। उसके साथ रहम करने जैसी कोई बात ही नहीं थी। यह कहना था रिमांड के दाैरान पुलिस की पूछताछ में दुष्यंत हत्याकांड की मुख्य अभियुक्त प्रिया सेठ (27) का।

पुलिस के हर सवाल का दबंगई से जवाब दे रही इस महिला का कहना था कि दुष्यंत तो उससे भी एक कदम आगे निकला। खुद को विवान कोहली बताया। एक ऐसा कराोबारी जो माइनिंग बिजनेस से जुड़ा था। स्वयं को 25-30 करोड़ टर्नऑवर वाली कंपनी का मालिक बताया।

25-30 लाख रुपए हर माह की आय, लेकिन जब बंधक बनाकर पीटा तो बोला मेरा तो बैंक बैलेंस भी जीरो है। इतना सुनने के बाद तो माथा ही ठनक गया। हालांकि मुझे उस पर शुरू से ही शक था। हां जब उसकी हत्या कर रहे थे तब वह बार-बार कह रहा था मुझे छोड़ दो, मुझे जाने दो।

महिला के अनुसार दुष्यंत हमारे बारे में सब कुछ जान चुका था वो हमें एक्सपोस कर सकता था इसलिए उसकी हत्या कर दी। लक्ष्य को 5 लाख का झांसा दिया प्रिया ने माना कि साजिश में दीक्षांत के दोस्त लक्ष्य को भी लालच दिया गया था।

उसको कहा था कि फिरौती की रकम मिली तो तीन से पांच लाख तक उसे दे देंगे। इसी कारण उसने वारदात के दौरान साथ दिया। जीपीएस ऑन करके गए पुलिस पूछताछ में प्रिया ने बताया कि शव को फ्लैट में रात तक नहीं छोड़ सकते थे।

खतरा था इसलिए तय किया कि हाथों हाथ ही फेंकेंगे। कहां ले जाएंगे यह तय नहीं था। उसके मुताबिक एक बार वह कूकस जा चुकी थी। पता था कि वहां सुनसान इलाका है। तब दीक्षांत-लक्ष्य के साथ शव को सूटकेस में डाला और कूकस की ओर दोपहर 1 बजे ही निकल गए।

इस बीच अपार्टमेंट में कुछेक लोगों ने सूटकेस उतारते जरूर देखा था लेकिन कोई कुछ बोला नहीं। रास्ता भटक न जाएं इसलिए महिला आगे की सीट पर बैठी उसने जीपीएस ऑन कर रखा था। गाड़ी दीक्षांत चला रहा था।

लक्ष्य पीछे वाली सीट पर था। वहीं पर सूटकेस में शव था। मैं केवल गांजा पीती हूं उसने पुलिस को बताया कि वह शराब नहीं पीती। केवल गांजा का नशा करती है। साथ ही सिगरेट पीती है।


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