7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अध्ययनः युवा जीवनसाथी से साझा करते हैं खुशी और गम मगर, छिपाते हैं डेबिट-क्रेडिट कार्ड

हाल ही में वैलेंटाइन डे की खुमारी खूब युवाओं के सिर चढ़कर बोली। डेटिंग, गिफ्ट, मौज-मस्ती और भी बहुत कुछ! मगर... आजकल के 42 फीसदी युवा सबकुछ के बाद भी अपने जीवनसाथी, पार्टनर या प्रेमी से क्रेडिड-डेबिट कार्ड और बैंकिंग डिटेल साझा करने से कन्नी काट रहे हैं।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Kirti Verma

Feb 18, 2024

study.jpg

अरुण कुमार
हाल ही में वैलेंटाइन डे की खुमारी खूब युवाओं के सिर चढ़कर बोली। डेटिंग, गिफ्ट, मौज-मस्ती और भी बहुत कुछ! मगर... आजकल के 42 फीसदी युवा सबकुछ के बाद भी अपने जीवनसाथी, पार्टनर या प्रेमी से क्रेडिड-डेबिट कार्ड और बैंकिंग डिटेल साझा करने से कन्नी काट रहे हैं। भारत में संबंधों की डोर पैसों की अपेक्षा विश्वास पर ज्यादा टिकी होती है। इसके बावजूद, 62 फीसदी पति-पत्नी में झगड़ा पैसों या खर्चों को लेकर ही होता है। 30 फीसदी से ज्यादा युवा अपने पार्टनर या प्रेमी की इच्छा से ज्यादा खर्च करने को तैयार रहते हैं मगर बैंकिंग जानकारियां साझा करने से कतराते हैं। 78 फीसदी महिलाएं अपने पति से कुछ भी छिपाना नहीं चाहतीं अगर पार्टनर उनका सम्मान करे और आर्थिक मामले भी साझा करे। भारतीय महिलाएं पैसे या वित्तीय जानकारियां तभी छिपाती हैं जब पति अनावश्यक या गलत आदतों में पैसे खर्च करता है या फिर अन्य महिला को तवज्जो देने लगता है।

आर्थिक विश्लेषण एजेंसी बैंकरेट 2024 ने हालिया रिपोर्ट में ऐसा ही कुछ खुलासा किया है। अध्ययन से साफ है कि अमरीका और यूरोप में प्रेमी या पार्टनर के बीच जब भी पैसे की बात आती है तो वित्तीय बेवफाई (फाइनेंशियल चीटिंग) की आशंका ज्यादा रहती है। करीब 2500 लोगों पर अध्ययन बताता है कि पुरुष महंगे इलेक्ट्रॉनिक्स, शराब और जुए में हुआ खर्च जबकि महिलाएं कपड़े और सौंदर्य प्रसाधन छुपाती हैं या फिर पति को प्रोडक्ट की कीमत कम बताती हैं।


मां की बात ज्यादा मानते हैं भारतीय
यूरोप में 68 फीसदी पतियों की पत्नी के साथ एक प्रेमिका होती है, मगर वे आर्थिक स्थितियां पत्नी को बताते हैं। 59 फीसदी अमरीकी पति की घरवाली के साथ एक प्रेमिका होती है। वे बातें प्रेमिका की ज्यादा मानते हैं। वहीं, 18 फीसदी भारतीय पतियों की बीवी एक मगर प्रेमिकाएं एक से ज्यादा होती हैं। ये बीवी और प्रेमिका से भी ज्यादा मां से रुपए-पैसों की बात साझा करते हैं।

यह भी पढ़ें : IGNOU जनवरी 2024 सेशन के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि बढ़ी, अब इस तिथि तक कर सकते हैं अप्लाई


हर वक्त रिश्ते खराब होने का खौफ
आर्थिक विश्लेषक टेड रॉसमैन के अनुसार, 23 फीसदी युवाओं ने अपना कर्ज, 19 फीसदी ने अपना बैंक खाता और 18 फीसदी ने क्रेडिट-डेविट कार्ड की जानकारी अपने पार्टनर से गुप्त रखी। क्योंकि, वित्तीय जानकारी साझा करने के बाद पार्टनर को पैसे खर्च करने से रोकना मुश्किल होता है। अगर रोका तो संबंध बिगड़ जाते हैं और तलाक या अलगाव की नौबत आ जाती है।

फाइनेंशियल चीटिंग बेवफाई जैसी
अध्ययन में एक चौथाई से अधिक (28 प्रतिशत) जोड़ों का मानना है कि अपने पार्टनर से वित्तीय जानकारी छुपाना विवाहेत्तर संबंधों जितना ही बुरा है। रॉसमैन कहते हैं कि "पैसे के बारे में बात करना हमेशा आसान नहीं होता जबकि यह बेहद अहम है।" अमरीका में हर 10 में से 4 से ज्यादा जोड़े एक दूसरे से वित्तीय जानकारी छुपा रहे हैं, जो तलाक या अलगाव का कारण भी है।

अधिक उम्र के लोग कम करते हैं चीटिंग
- जनरेशन जेड (1995-2012 में जन्मे) 67
- मिलेनियर्स (1982-2004 में जन्मे) 57
- जनरेशन एक्स (1960-1980 में जन्मे) 34
- बेबी बूमर्स (1946-1964 में जन्मे) 33
(स्रोत : बैंकरेट 2024)

यह भी पढ़ें : लॉन्ड्री में धुलने आए कपड़ों में से निकले 17 लाख रुपए, भारतीय कर्मचारी ने लौटाकर बढ़ाया भारत का मान