
जयपुर। शिक्षा विभाग की ओर से कक्षा नौ से 12 वीं तक की अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं राज्य स्तर पर आयोजित की जाएंगी। इसको लेकर विभाग की ओर से जारी किए टाइम टेबल में तारीखों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। दरअसल, विभाग ने शीतकालीन अवकाश के बीच अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं रख दीं। इससे सर्दियों की छुट्टियों पर असमंजस खड़ा हो गया। शिक्षक संगठनों से लेकर अभिभावक भी विरोध करने लग गए।
शिविरा पंचांग के अनुुसार शीतकालीन अवकाश 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक रहता है। जबकि विभाग ने 17 दिसंबर से 27 दिसंबर तक अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं रख दीं। विवाद बढ़ने के बाद अब शिक्षा विभाग बैकफुट पर आ गया और तिथियों में बदलाव कर दिया है। अब 26 और 27 दिसंबर को होने वाली परीक्षाएं 14 और 16 दिसंबर को होंगी।
राज्य स्तरीय समान परीक्षा में अनेक खामियां सामने आ रही हैं। कठिन विषय के मध्य अंतराल नहीं दिया गया। विज्ञान वर्ग में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित विषय में अंतराल नहीं देने से बच्चों को नुकसान होगा। शिक्षक संघ रेसला के प्रदेश महामंत्री डॉ. अशोक जाट ने कहा कि यह व्यावहारिक भी नहीं है।
वहीं, अखिल राजस्थान विद्यालय शिक्षक संघ (अरस्तु) ने कहा कि कक्षा 10 और 12 के करीब 20 लाख बच्चों से 20 रुपए प्रति छात्र और कक्षा 9 व 11 के 20 लाख छात्रों से 40 रुपए प्रति छात्र वसूले जाएंगे, जो करीब 12 करोड़ रुपए होते हैं। जहां जिला समान प्रश्न पत्र योजना के तहत अर्द्धवार्षिक व वार्षिक दोनों मिलाकर 10 रुपए लिया जाता रहा है। केन्द्रीकरण के नाम पर निदेशालय ने परीक्षा फीस चार गुना वृद्धि करके 40 रुपए प्रति कर दी।
दिसंबर के अंतिम सप्ताह में दिए जाने वाले शीतकालीन अवकाश में बदलाव करने के संकेत शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पहले ही दे चुके हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा था कि तेज सर्दी पड़ने पर ही शीतकालीन अवकाश दिया जाएगा। उन्होंने कहा था कि सरकारी स्कूलों में शीतकालीन अवकाश 25 से 31 दिसंबर तक दिया जाता है। लेकिन अवकाश के बाद भी तेज सर्दी के कारण स्कूलों में छुट्टियां की जाती हैं। इससे पढ़ाई का नुकसान होता है।
Updated on:
28 Nov 2024 07:52 am
Published on:
28 Nov 2024 07:52 am
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