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बोर्ड पैटर्न पर ही होगी आठवीं की परीक्षा

प्रदेश के सरकारी और प्राइवेट स्कूल्स के आठवीं में पढऩे वाले स्टूडेंट्स को इस बार भी बोर्ड पैटर्न पर ही परीक्षा देनी होगी। शिक्षा विभाग ने परीक्षा के लिए इस बार भी स्कूल स्तर पर ऑनलाइन फार्म भरने का कार्यक्रम जारी कर दिया है।

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Jan 08, 2022

बोर्ड पैटर्न पर ही होगी आठवीं की परीक्षा

बोर्ड पैटर्न पर ही होगी आठवीं की परीक्षा


10 से 31 जनवरी तक स्कूल स्तर पर ही भरे जाएंगे ऑनलाइन फार्म

जयपुर। प्रदेश के सरकारी और प्राइवेट स्कूल्स के आठवीं में पढऩे वाले स्टूडेंट्स को इस बार भी बोर्ड पैटर्न पर ही परीक्षा देनी होगी। शिक्षा विभाग ने परीक्षा के लिए इस बार भी स्कूल स्तर पर ऑनलाइन फार्म भरने का कार्यक्रम जारी कर दिया है। दस जनवरी से 31 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन किए जाएंगे।
आठवीं कक्षा के स्टूडेंट्स के परीक्षा फॉर्म सरकारी स्कूल को शाला दर्पण और प्राइवेट स्कूल्स को पीएसपी पोर्टल पर भरने होंगे। ये फार्म भरने की जिम्मेदारी संबंधित स्कूल की होगी और ऑनलाइन ही फार्म भरे जाएंगे। शिक्षा विभागीय परीक्षाएं राजस्थान, बीकानेर के पंजीयक पालाराम मेवता ने बताया कि आठवीं कक्षा की परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 10 जनवरी से शुरू की जाएगी। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा शाला दर्पण पोर्टल और पीएसपी पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। 31 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे।

दो साल से हो रहे हैं प्रमोट
गौरतलब है कि पिछले दो साल से कोविड के कारण शिक्षा विभाग 8वीं क्लास के स्टूडेंट्स को प्रमोट कर रहा है। लेकिन इस बार एग्जाम के लिए तैयारी शुरू कर दी है। स्टूडेंट्स के आवेदन इस बार भी ऑनलाइन जमा होंगे, जिसका शेड्यूल जारी हो गया है। इस बार आठवीं बोर्ड की परीक्षा देने वाले स्टूडेंट्स ने इससे पहले भी पांचवीं बोर्ड की परीक्षा दी थी। छठी व सातवीं में वो प्रमोट हुए थे।

लेखनी को सशक्त बना रहा सम्पर्क: डॉ. शुक्ला
जयपुर ।
सम्पर्क संस्थान की साहित्यिक यात्रा के सफलता के चार साल पूरे होने और पांचवें साल में प्रवेश पर शनिवार को एक वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार की अध्यक्षता हिंदी प्रचार प्रचार संस्थान के अध्यक्ष डॉ.अखिल शुक्ला ने की। इस अवसर पर डॉ. शुक्ला ने कहा कि संस्थान द्वारा साहित्यिक परिवारिक वातावरण में एक दूसरे की मेधा को प्रखर और लेखनी को सशक्त बना समाज के सामने लाने का सफल प्रयास किया जा रहा है। संस्थान की प्रदेश समन्वयक रेनू शब्दमुखर ने इस दौरान कहा कि वह आजीवन निष्ठा के साथ अपने सामाजिक और साहित्यिक कार्य को अंजाम देंगी। वेबिनार में ख्यातनाम साहित्यकारों ने संपर्क की कार्यशैली को अद्भुत बताते हुए प्रतिस्पर्धा के इस युग में नवोदित प्रतिभागियों को शानदार मंच देने को बहुत बड़ी बात बताया। कार्यक्रम में 35 रचनाकारों ने सम्पर्क संस्थान की यात्रा को लेकर कविता के माध्यम से काव्य पाठ किया। मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार प्रोफेसर प्रबोध गोविल ने कहा कि सम्पर्क साहित्य टीम ने साहित्य के क्षेत्र में जो मुकाम हासिल किया है उसका कोई सानी नहीं है । उन्होंने वर्तमान परिपेक्ष्य में आधुनिक तकनीक में साहित्य को नई दिशा देने पर खुशी जाहिर करते हुए प्रतिभाओं को आगे लाने के प्रयासों को काबिले तारीफ बताया। वेबिनार में देश के विभिन्न भागों के जाने माने साहित्यकार शामिल हुए और अपनी प्रस्तुतियां दी। इनसे पूर्व डॉ. आरती भदौरिया ने सरस्वती वंदना की । कार्यक्रम का संचालन करते हुए विजयलक्ष्मी जांगिड़ ने किया और डॉ. रेखा गुप्ता ने आभार व्यक्त किया।