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शिक्षा निदेशक ने किया तलब, खतरे में पड़ सकती है स्कूलों की एनओसी

मनमानी फीस वृद्धि का मामला

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rajasthan news

जयपुर . मनमानी फीस वृद्धि को लेकर अभिभावकों में विरोध मुखर होने के बाद शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों पर शिकंजा बढ़ा दिया है। शिक्षा निदेशालय बीकानेर ने जयपुर के प्रतापनगर व केएम मुंशी मार्ग स्थित स्कूल प्रबंधन को नोटिस भेजकर तलब किया है। साथ ही फीस वृद्धि वापस लेने के आदेश दिए हैं। दरअसल, इन दोनों स्कूलों ने फीस एक्ट को दरकिनार कर 25-30 फीसदी तक फीस बढ़ा दी। अभिभावकों ने इसका प्रबल विरोध करते हुए कलक्टर से शिक्षा मंत्री तक विभिन्न स्तर पर शिकायत की। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने समिति गठित कर जांच कराई तो शिकायत सही पाई गई। समिति की रिपोर्ट पर जिला शिक्षा अधिकारी ने बढ़ाई गई फीस स्थगित करने व नए सिरे से प्रक्रिया के अनुसार फीस बढ़ाने के आदेश दिए। लेकिन स्कूल ने शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर मामला संभाग स्तरीय फीस कमेटी में रखने व आदेश वापस लेने की बात कही। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने विभागीय निदेशक को पत्र भेजकर स्थिति बताई।

स्कूल नियम पालना के लिए बाध्य

विभागीय निदेशक नथमल डिडेल ने स्कूलों को नोटिस जारी कर कहा है कि स्कूलों को राज्य सरकार के अनापत्ति प्रमाण पत्र के आधार पर ही सीबीएससी से सम्बद्धता मिली है। इसलिए स्कूल सरकार के नियम, अधिनियम की पालना के लिए बाध्य है। स्कूल तत्काल प्रभाव से माता-पिता व अध्यापकों के संगम का गठन कराकर विद्यालय स्तरीय फीस कमेटी बनाएं। दोनों गठित समिति को नोटिस बोर्ड पर चस्पा करें, अभिभावकों को सूचित कर पोर्टल कर अपलोड करें। इसके बाद समिति के अनुमोदन के अनुसार ही फीस में परिवर्तन हो सकता है। इसलिए बढ़ी हुई फीस को स्कूल तत्काल वापस ले।

स्कूल देंगे स्पष्टीकरण

नोटिस में विभाग ने अनापत्ति प्रमाण पत्र समाप्त करने से पहले स्कूल को स्पष्टीकरण का अवसर दिया है। स्कूल प्रबंधन को अपना पक्ष संबंधित दस्तावेजों के साथ २६ अप्रेल को बीकानेर स्थित शिक्षा निदेशालय में निदेशक के समक्ष रखना होगा। स्कूल ने समय पर अपना पक्ष नहीं रखा तो विभाग स्कूल की एनओसी रद्द कर देगा।