23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

न शिक्षकों की व्यवस्था और न ही किताबें, शुरु हो गया पहला सरकारी इग्लिश मीडियम स्कूल

education news in hindi : एडमिशन के आवेदन तय सीटों से कहीं अधिक संख्या में आ गए, कम समय, नहीं हो पाई व्यवस्था

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Deepshikha

Jul 01, 2019

jaipur

न शिक्षकों की व्यवस्था और न ही किताबें, शुरु हो गया पहला सरकारी इग्लिश मीडियम स्कूल

जया गुप्ता/ जयपुर. शहर का पहला सरकारी अंग्रेजी मीडियम स्कूल भी सोमवार से शुरु हो गया, यहां न तो शिक्षक लगाए गए हैं और न ही किताबों की व्यवस्था है। यहां तक कि पुराना नाम हटाकर नया नाम भी नहीं लिखा गया है। इन अधूरी तैयारियों के बीच सोमवार से महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल शुरू हुआ।

स्कूल शिक्षा विभाग ने इसी सत्र से प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर 33 अंग्रेजी मीडियम स्कूल शुरू करने का निर्णय लिया था। जिसमें पहली से पांचवीं तक प्रत्येक कक्षा में 30-30 तथा 6-8वीं तक 35-35 विद्यार्थी प्रत्येक कक्षा में लिए जाने थे। यहां एडमिशन के आवेदन तय सीटों से कहीं अधिक संख्या में आ गए। ऐसे में प्रत्येक कक्षा में दो-दो सेक्शन किए गए हैं।

कम समय, नहीं हो पाई व्यवस्था

दरअसल, सरकार ने जून माह में महात्मा गांधी सरकारी विद्यालयों के संबंध में निर्णय किया था। कम समय पर प्रत्येक जिला मुख्यालय पर स्कूल खोजे गए। उनका नए सिरे से पंजीयन हुआ। शिक्षकों के लिए इंटरव्यू हुए। मगर समय पर काम पूरा नहीं हो पाया है। स्कूल में अभी केवल प्रिंसीपल नियुक्त किए गए हैं।


स्कूल में यह कमियां

1. किताबें नहीं आ पाई: स्कूल में बच्चों के लिए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की किताबें अंग्रेजी में नहीं आ पाई हैं। जानकारी के अनुसार 15-20 जुलाई तक ही किताबें आ पाएंगी।


2. केवल प्रिंसीपल, शिक्षक नहीं: स्कूल में एक सेक्शन की जरूरत के हिसाब से तृतीय श्रेणी लेवल 1, 2, वरिष्ठ अध्यापक, पीटीआइ, लाइब्रेरियन आदि शिक्षकों के इंटरव्यू हो चुके हैं। इंटरव्यू में मेरिट के हिसाब से लिस्ट बीकानेर निदेशालय भेजी जा चुकी है, मगर शिक्षक नियुक्त नहीं किए गए हैं।


अभी इतने सरकारी अंग्रेजी स्कूल, जो निजी से कम नहीं


- 186 विवेकानंद मॉडल स्कूलों की योजना बनाई गई थी
- 71 मॉडल स्कूल शुरू किए गए वर्ष 2014-15 में प्रथम चरण में
- 63 स्कूल और शुरू किए गए 2016-17 में दूसरे चरण में
- अंग्रेजी माध्यम के ये स्कूल सीबीएसई से मान्यता प्राप्त हैं। स्थिति यह है कि इनमें प्रवेश के लिए आवेदनों के ढेर लगते हैं।


अन्य जिलों में भी यही हालत

जोधपुर: चैनपुरा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल को महात्मा गांधी राजकीय चैनपुरा अंग्रेजी माध्यम स्कूल बनाया गया है। स्कूल में शिक्षकों का चयन अभी तक नहीं किया गया है। लेकिन, प्रिंसिपल की नियुक्ति हो चुकी है। इस विद्यालय में 679 बच्चों ने एडमिशन के लिए आवेदन किए हैं।


सफल रहा विवेकानंद मॉडल स्कूल का प्रयोग

प्रदेश में पूर्व में खोले गए सरकारी अंग्रेजी स्कूलों का प्रयोग सफल रहा है। कई जिलों के विवेकानंद मॉडल स्कूलों में प्रवेश के लिए लम्बी कतारें लगती हैं। कई जगह तो ऐसे स्कूलों में प्रवेश से पहले परीक्षा हो रही है। सरकार को मॉडल स्कूलों की तर्ज पर ही नए स्कूलों का मजबूत ढांचा तैयार करना चाहिए।


ऐसी भी स्थिति : प्रवेश लेना है तो परीक्षा दो

अलवर : अलवर जिले में 10 विवेकानंद मॉडल स्कूल हैं। बच्चों का प्रवेश कराने के लिए मारामारी रहती है। ऐसे में परीक्षा के जरिए प्रवेश मिलता है। बीते वर्ष किशनगढ़ बास स्थित मॉडल
स्कूल को तो इंटीरियर और नवाचार के लिए सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया था।