17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शिक्षा : 10 संस्थाओं के साथ 11 एमओयू

राजस्थान (Rajasthan) में शिक्षा क्षेत्र में आमूलचूल बदलाव के साथ अब गुणवत्ता (Quality Education) को प्राथमिकता दी जा रही है। इसमें सहयोग के लिए बुधवार को 10 संस्थाओं के साथ 11 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। एमओयू पर संबंधित संस्था के प्रतिनिधि के साथ राज्य परियोजना निदेशक अभिषेक बागोतिया ने हस्ताक्षर किए।

2 min read
Google source verification
Education in rajasthan

Education in rajasthan

बुधवार को प्रथम एजूकेशन फाउंडेशन, राजस्थान, होप फाउंडेशन, नई दिल्ली, इंटरनेशनल बिजनेस मशीन्स, बंगलौर, एजूकेट गल्र्स, मुंबई, लर्निंग लिंक्स फाउंडेशन, नई दिल्ली, मेरिको इंडिया लिमिटेड, मुंबई, मैजिक बस, मुंबई, एशिया इंटरनेशनल सेंटर फॉर वुमन, नई दिल्ली, लेडी बॉमफोर्ड चेरिटेबल ट्रस्ट, नई दिल्ली, दुर्गा देवी चेरिटेबल ट्रस्ट, पूना जयपुर, आईटी फॉर चेंज बैंगलोर एवं सेंटर फॉर एजूकेशन रिसर्च एंड प्रेक्टिस, जयपुर के साथ शिक्षा क्षेत्र में सहयोग के लिए एमओयू पत्र पर हस्ताक्षर किए गए।
इन क्षेत्रों में मिलेगा सहयोग
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया कि जिन संस्थाओं के साथ एमओयू किए गए हैं उनसे राज्य सरकार प्रदेश के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में ड्रॉपआउट बच्चों को फिर से विद्यालयों से जोडऩे, हिंदी और अंग्रेजी के प्रारंभिक ज्ञान के लिए ऑनलाइन सपोर्ट, डिजिटल लिट्रेसी बढ़ाने, कम्प्यूटर शिक्षा के लिए संस्था प्रधानों के प्रशिक्षण, बालिका शिक्षा में वृद्धि, सामुदायिक गतिशीलता, गुण्वत्तापूर्ण शिक्षा, अंग्रेजी शिक्षण आदि की प्रभावी व्यवस्था के लिए किए कार्यों में सहयोग लेगी।
प्रजेंटेशन देखकर हुआ चुनाव
शिक्षा राज्य मंत्री गोविद सिंह डोटासरा ने कहा है कि ऐसा पहली बार हो रहा है, जब एक साथ इतनी संस्थाओं के साथ राज्य सरकार एमओयू कर रही है। उन्होंने बताया कि एमओयू करने से पहले इन सबके प्रस्तुतिकरण देखे गए। इसके बाद यह तय किया गया कि किन-किन क्षेत्रों में कैसे संस्थाएं राज्य सरकार को शिक्षा क्षेत्र में सहयोग करेगी।
करार खत्म करने की सूचना छह माह पहले
यदि करार किन्हीं कारणों से समाप्त किया जाना है तो उससे कम से कम 6 माह पूर्व राज्य सरकार को सूचित करें ताकि जिस क्षेत्र में गैर सरकारी संस्था सरकार को सहयोग कर रही है, उससे संबंधित अन्य व्यवस्थाएं सरकार अपने स्तर पर कर सके ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में किसी प्रकार की बाधा नहीं हो।
भर्तियों पर है पूरा जोर
शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि कहा कि राज्य सरकार ने 90 प्रतिशत से अधिक विद्यालयों में रिक्त पड़े पदों को भरने की पहल की है। सभी विद्यालयों में प्राचार्यों की नियुक्ति की गई है। हाल ही में 1155 और प्रधानाचार्यों को माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत नौकरी देने की कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि आगामी 10-15 दिनों में ही शारीरिक शिक्षकों की काउंसलिंग भी प्रारंभ की जा रही है।
बस्ते का बोझ घटाने की पहल
उन्होंने कहा कि राजस्थान देश का पहला राज्य है जहां पर बस्ते के बोझ को कम करने के लिए पहल की गई है। राज्य में पूर्ण पारदर्शिता अपनाते हुए शिक्षकों के पदों को भरने की कार्यवाही जहां की गयी है वहीं नवाचार अपनाते हुए शिक्षा में गुणात्मक सुधार के सतत प्रयास किए जा रहे हैं।