
प्रदूषण की रोकथाम के लिए उठाए जा रहे हैं प्रभावी कदम
जयपुर। राज्य सरकार की ओर से उद्योगों द्वारा निस्तारित प्रदूषित जल के उपचार के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य में प्रदूषण की रोकथाम केे लिए 16 सीईटीपी (सामान्य अपशिष्ट उपचार संयंत्र) स्थापित किए गए हैं। यह जानकारी शुक्रवार को पर्यावरण राज्य मंत्री सुखराम विश्नोई ने विधानसभा में दी।
विश्नोई ने प्रश्नकाल में विधायकों की ओर से इस संबंध में पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए बताया कि राज्य में लघु उद्योगों द्वारा निस्तारित प्रदूषित जल के उपचार के लिए राज्य सरकार द्वारा 16 सीईटीपी (सामान्य अपशिष्ट उपचार संयंत्र) स्थापित किए गए है। उनमें से 6 पाली, 3 बालोतरा तथा 2 जसौल में बनाए गए हैं तथा एक -एक सीईटीपी बिठूजा तथा भिवाड़ी में प्रस्तावित है।
सांभर में पक्षियों की मौत के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि सांंभर में पक्षियों की मौत बोटूलिज्म बीमारी की वजह से हुई थी जिस पर अब नियन्त्रण पा लिया गया है।
इससे पहले विश्नोई ने विधायक जगसी राम के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में पर्यावरण विभाग के अधीन राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के द्वारा जनवरी 2019 से अब तक वायु, जल, ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के लिए किये गये प्रयास का विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने प्रदूषण से मानव जीवन को बचाने के लिए प्रदेश में पर्यावरण विभाग के अधीन राज्य प्रदूषण नियन्त्रण मण्डल द्वारा वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए किए गए कार्यो का विवरण सदन के पटल पर रखा।
Published on:
13 Mar 2020 06:28 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
