जयपुर. सनातन संस्कृति, प्रदेश में सुख शांति—समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा के संचार के लिए प्रदेश के मंदिरों में पीलेे ध्वजा फहराए जाएंगेे। देवस्थान विभाग के अन्तर्गत आने वाले सभी मंदिरों में इस पहल की शुरुआत गुरुवार को अमृतसिद्धि, सर्वार्थसिद्धि सहित अन्य योग संयोगों में होगी। देवस्थान मंत्री शकुंतला रावत के निर्देशन में सुबह सात बजे बड़ी चौपड़ स्थित कल्कि मंदिर में ‘ऊँ’ लिखा पीले रंग का ध्वज लगाए जाएंगे। वहीं जयपुर के विभाग के अधीन कुल 35 मंदिरों समेत कुल प्रदेश में 550 से अधिक मंदिरों में पहले चरण में यह ध्वजा लगाए जाएंगे।
मंदिरों की होगी कायापलट
देवस्थान विभाग की ओर से मंदिरों के रंग-रोगन व साज-सज्जा के लिए देवस्थान विभाग के अन्तर्गत 593 मंदिरों में रखरखाव के लिए 593 लाख रुपए दिए गए हैं। पुजारियों को दिया जाने वाला मानदेय तीन से बढ़ाकर पांच हजार रूपए किया है। गोविंद देव जी मंदिर का उज्जैन के महाकाल मंदिर की तर्ज पर वृहद् विकास किया जाएगा। चित्तौड़गढ़ में जलझूलनी एकादशी पर लगने वाले सांवरिया सेठ के मेले में बस किराए में 50 प्रतिशत की छूट की घोषणा भी की गई है। डूंगरपुर स्थित बेणेश्वर धाम के विकास का कार्य किया जा रहा है। प्रदेशवासियों की अगाध आस्था वाले विभिन्न मंदिरों के समग्र विकास के लिए 10 करोड़ राशि की लागत से डीपीआर जल्द बनाई जाएगी। जयपुर समेत प्रदेश के पांच मंदिरों में आनलाइन दर्शन के लिए ईदर्शन व्यवस्था शुरू होगी।
पीला रंग गुरु को समर्पित है और ओम शक्ति का प्रतीक है। गुरुवार से यह पहल की जा रही है। प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना स्वरूप देवस्थान विभाग ने यह नई शुरुआत की है। संस्कृति को सहेजने का यह एक प्रयास है।
—शकुंतला रावत, मंत्री, देवस्थान विभाग