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साल 2018 की ईद में दखल दे सकता है मानसून, इस दिन हो सकता है ईद का पर्व!

साल 2018 की ईद में दखल दे सकता है मानसून, इस दिन हो सकता है ईद का पर्व!  
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जयपुर

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rohit sharma

Jun 07, 2018

जयपुर ।

Eid का त्योहार रमजान के तीस रोजे के बाद चांद का दीदार कर मनाया जाने वाला पर्व है। मुस्लिम भाई मस्जिदों व ईदगाहों पर नमाज अदा कर अमन और चैन की दुआएं मांग एक दूसरे को गले मिलकर ईद का पर्व मनाते हैं। अगर Eid date की बात की जाए तो इस बार ईद कैलेंडर के हिसाब से दसवे महीने में मनाई जाती है, अगर इस साल ईद की बात की जाए तो इस बार Eid date 2018 14 जून या 15 जून को मनाई जा सकती है।

प्रदेश में पद रही भीषण गर्मी के बीच इस बार के रोजे रखना बहुत ही मुश्किल है। ऐसे में कई लोग Eid कब की है को लेकर बहुत परेशान होते है। ईद का पर्व चांद देखने के बाद ही तय होता है जिस दिन 30 रोजे के बाद जिस दिन चाँद दिख जाते है उसके अगले दिन ही ईद पर्व मनाया जाता है।


जानें ईद का पिछले 5 सालों का रिकॉर्ड क्या कहता है

पिछले 5 सालों के मुताबिक अगर जाने तो ईद का त्यौहार जुलाई में आता था। इन्हीं पांच सालों में यह एक बार यह अगस्त के महीने में भी मनाया गया था। आइए जानते हैं पिछले पांच सालों में कब-कब ईद मनाई गई।

2013 - 8 अगस्त
2014 - 28 जुलाई
2015 - 17 जुलाई
2016 - 6 जुलाई
2017 - 26 जून


मौसम दे सकता है दखल

ईद रमजान के महीने के 28 से 30 वे दिन के अंदर चाँद निकलता है। इफ्तार के समय चाँद लगभग 5 से 6 मिनटों के लिए ही निकलता है। चूँकि मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून आने की भी संभावना है, ऐसे में ईद के चाँद और मौसम के टकराने की आशंका बनी हुई है।अगर इस बीच मौसम साफ रहा तो ईद का चांद आसानी से दिख सकेगा। मौसम अगर पलटा तो चाँद देखने में समस्या आ सकती है। अगर मौसम बिगड़ भी जाता है तो मुस्लिम आर्गेनाईजेशन आपस में बातचीत्त करके ईद का पर्व तय करते हैं।


एक साथ शुरू हुआ, इस 2018 का रमजान

बहुत दिनों बाद ऐसा संजोग बना है कि रमजान का महीना पूरी दुनिया में एक ही दिन शुरू हुआ है। हमेशा यह कहीं जगह आगे या पीछे हुआ करता था। आपको बता दें कि वर्ष 2018 में दुनिया के ज्यादातर मुस्लिम देशों के साथ-साथ भारत में भी पहला रोजा 17 मई को ही रखा गया था।