
भारत का उच्चतम न्यायालय
जयपुर। जयपुर का चर्चित एकल पट्टा प्रकरण फिर जिंदा हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रकरण में नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल को राहत देने के हाईकोर्ट आदेश के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिका पर जवाब मांगा है। कोर्ट ने इसके लिए सोमवार को संबंधित पक्षकारों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया। याचिका में गृह सचिव के जरिए राज्य सरकार, शांति धारीवाल व भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के तत्कालीन पुलिस उप अधीक्षक (डीएसपी) संजीव कुमार को पक्षकार बनाया गया है।
न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश जे के माहेश्वरी की खंडपीठ ने अशोक पाठक की विशेष अनुमति याचिका पर सोमवार को सुनवाई की। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता के. सुल्तान सिंह ने कोर्ट से कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में दर्ज एफआईआर को केवल शिकायतकर्ता से राजीनामे के आधार पर रद्द नहीं किया जा सकता। भ्रष्टाचार से संबंधित मामला राज्य से जुड़ा होता है। उन्होंने एकल पट्टा प्रकरण में नगरीय विकास मंत्री धारीवाल व अन्य आरोपियों को राहत देने वाले राजस्थान हाईकोर्ट के 15 नवंबर 2022 के फैसले को विधि विरुद्ध बताते हुए खारिज करने का आग्रह किया। साथ ही, कहा कि अभियोजन ने हाईकोर्ट से तथ्यों को छिपाया, इसलिए सुप्रीम कोर्ट इस मामले में आवश्यक दिशा-निर्देश दे। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2021 में एसीबी ने ट्रायल कोर्ट में रिपोर्ट पेश कर कहा था कि कोई अपराध नहीं बनता है। इसी बीच परिवादी रामशरण सिंह बीमार हो गए और उनकी ओर से एक अधिवक्ता ने कोर्ट से कहा कि परिवादी मामले को नहीं चलाना चाहता। इसके आधार पर हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। इसके बाद 8 जनवरी 2023 को परिवादी का देहांत हो गया।
Published on:
19 Apr 2023 01:58 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
