5 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हाथी सफारी के लिए दुनिया में मशहूर आमेर महल से खबर, हथिनी को पसंद नहीं आई सेल्फी.. हमला कर दिया..

बाद में हथिनी को वापस हाथी गांव भेज दिया गया। अब उसे मेडिकल जांच में रखा गया है। मेडिकली पूरी तरह फिट होने के बाद ही उसे वापस बेडे में शामिल किया जाएगा।

2 min read
Google source verification
Mahout, assistant booked for brutally attacking elephant at rejuvenati

Mahout, assistant booked for brutally attacking elephant at rejuvenati

जयपुर
आमेर में आज सवेरे बड़ा हादसा होते होते बचा। एक हथिनी के सामने सेल्फी लेने के दौरान हथिनी को सेल्फी नागवार गुजरी कि उसने पास से गुजर रहे पर्यटक को लात मार दी। मामला यहीं शात नहीं हुआ, पर्यटक के साथ मौजूद दस साल के बच्चे को भी सूंड से धक्का मार दिया। बच्चा गिर गया, पैरों के नीचे कुचलता कुचलता बचा। इस हादसे के बाद भीड़ लग गई। बाद में हथिनी को वापस हाथी गांव भेज दिया गया। अब उसे मेडिकल जांच में रखा गया है। मेडिकली पूरी तरह फिट होने के बाद ही उसे वापस बेडे में शामिल किया जाएगा।

पचास नंबर की हथिनी है मुस्कान, सवेरे हाथी गांव से आमेर महल की ओर जा रही थी
आज सवेरे करीब नौ बजे के आसपास यह घटनाक्रम हुआ। इसके बाद आसपास भीड़ लग गई। कई महावत और हाथी गांव के गई लोग मौके पर आ गए। पता चला कि पचास नंबर की हथिनी मुस्कान को लेकर यह घटनाक्रम हुआ। महावत ने बताया कि वह सवेरे करीब आठ बजे के बाद हथिनी को लेकर आमेर महल की ओर जा रहा था। वहां करीब नौ बजे के बाद से हाथी सवारी शुरु हो जाती हैं।

इस हाथी सवारी के लिए ही हर रोज हाथी, हाथी गांव से आमेर महल का रुख करते हैं । आमेर महल की ओर जाने के दौरान आमेर थाने के नजदीक हाथी चौक पर हथिनी के सामने आकर सेल्फी ले रहे एक पर्यटक को हाथी ने लात मार दीं उसयके साथ करीब नौ से दस साल का बच्चा भी उसे भी धक्का मारा। बाद में हथिनी को वापस आमेर स्थित हाथी गांव भेज दिया गया। आमेर सवारी कराने वाले प्रबंधन का कहना है कि अब हथिनी का मेडिकल सर्टिफिकेट जारी होने के बाद ही उसे वापस बेडे में लिया जाएगा । तब वह अनफिट रहेगी तब तक उसे आमेर में नहीं लाया जाएगा।

गौरतलब है कि हाथी गांव में वर्तमान में करीब सौ से भी ज्यादा हाथी रह रहे हैं। इनमें से करीब 89 को रोस्टर सिस्टम के आधार पर आमेर महल में सवारी के लिए लगाया जाता है।