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नई दिल्ली. स्वास्थ्य रक्षा और चिकित्सा की प्राचीन पद्धति आयुर्वेद इंडस्ट्री काफी तेजी से नए-नए वैज्ञानिक उपकरणों और मेडिकल तकनीक को अपना रही है। आयुर्वेदिक फर्म वैद्यरत्नम ग्रुप के केरल स्थित मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में डॉ. तनूजा नेसारी ने कहा, आयुर्वेद की ताकत रोकथाम और बचाव में है। हमने आयुर्वेद की अवधारणा का मूल तत्व, प्रमुख सिद्धांत और आयुर्वेद की चिकित्सा प्रणालियों को बरकरार रखा है। हमने अपना संपूर्ण ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल विकसित किया है। इसे मरीजों की जांच के परंपरागत बायो-मेडिकल उपकरणों, जैसे एमआरआई, सीटी स्कैन, वेंटिलेटर, आरटी-पीसीआर टेस्ट और ऑक्सिजन थेरेपिस्ट की ओर से पूरा सहयोग प्रदान किया जाता है। मुझे यह कहते हुए वाकई गर्व महसूस हो रहा है कि इस केंद्र में भर्ती हुए कोरोना के 99.99 फीसदी मरीज इलाज के बाद पूरी तरह ठीक हो गए हैं। वैद्यरत्नम ग्रुप के निदेशक अष्टवैद्यन डॉ. ई. टी. नीलकंधन मूस ने कहा, विज्ञान की अन्य धाराओं की उपलब्धियों के विवेकपूर्ण प्रयोग ने आयुर्वेद को ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर मान्यता दिलाने में मदद की है, जहां परंपरागत चिकित्सा के टैग को साक्ष्यों पर आधारित चिकित्सा के टैग से बदल दिया जाता है।
Published on:
17 Jul 2021 12:20 am
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