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पद संभालते ही ऊर्जा मंत्री की दो टूक— बेवजह बहाने की बजाय जनता के काम करें

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पद संभालते ही ऊर्जा मंत्री की दो टूक— बेवजह बहाने की बजाय जनता के काम करें

पद संभालते ही ऊर्जा मंत्री की दो टूक— बेवजह बहाने की बजाय जनता के काम करें

जयपुर। ऊर्जा मंत्री भंवरसिंह भाटी ने पदभार ग्रहण करने के बाद विभागीय अधिकारियों की मैराथन बैठक ली। रबी सीजन को लेकर तैयारी, बिजली की मांग और आपूर्ति के स्थिति, कोयला स्टॉक, केन्द्र की योजनाओं के क्रियान्वयन, छत्तीसगढ़ के माइनिंग से जुड़े मुद्दे, फ्यूल सरचार्ज, किसानों के लंबित बिजली कनेक्शनों को लेकर विस्तार से चर्चा की। तीन घंटे चली बैठक के दौरान भाटी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रदेशभर के अधिकारियों से भी रूबरू हुए। इस बीच हर मामले में प्रजेंटेशन देखा और अधिकारियों से फीडबैक लिया। बैठक में उर्जा सचिव सुबोध अग्रवाल, डिस्कॉम्स सीएमडी भास्कर ए. सावंत सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।

बेवजह बहाना नहीं बनाए
-भाटी ने अधिकारियों की लापरवाही और ढिलाई पर सुधार की जरूरत जताई।
-कृषि, बीपीएल और घरेलू कनेक्शन नियमानुसार तत्काल जारी किए जाएं।
-बहानेबाजी की बजाय सेवा में सुधार पर फोकस करें।
-संसाधनों की कमी का बेवजह बहाना नहीं बनाएं। इनमें वायर, पोल, जैसे छोटे संसाधनों की कमी का बहाना बनाया जाता रहा है।

छत्तीसगढ़ से कोयले मुद्दे का जल्द समाधान का आश्वासन
बैठक में अधिकारियों ने बताया छत्तीसगढ़ में राज्य विद्युत उत्पादन को अतिरिक्त कोयला खनन आवंटित है, लेकिन खनन की अनुमति नहीं मिल रही। सीएम अशोक गहलोत भी इस मामले में पत्र लिख चुके हैं। भाटी ने इस मामले में साफ किया कि छत्तीसगढ़ स्थित खदान से कोयला खनन को लेकर कुछ दिक्कतें हैं। केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री के अलावा छत्तीसगढ़ सरकार से भी बात चल रही है। उम्मीद है कि यह मामला जल्द सुलझ जाएगा।