देश के सात प्रमुख शहरों में इस साल रिकॉर्ड 3.6 लाख मकान बिक सकते हैं। होम लोन पर ब्याज दरें बढ़ने और संपत्ति की कीमतों में दस फीसदी वृद्धि के बावजूद मकानों की मांग मजबूत बनी हुई है। इससे पहले 2014 में सबसे ज्यादा 3,42,980 मकानों की बिक्री हुई थी। संपत्ति सलाहकारों के मुताबिक, इस साल के दौरान जनवरी से सितंबर के बीच कुल 2,72,710 मकान बिके। यह आंकड़ा कोविड पूर्व स्तर यानी 2019 से ज्यादा है। उस दौरान देश के सात प्रमुख शहरों में कुल 2,61,360 मकान बिके थे। होम लोन पर ब्याज दर 6.5 फीसदी से बढ़कर करीब 8.5 फीसदी पहुंच जाने पर भी त्योहारों के दौरान मकानों की मांग मजबूत बनी रही है। देश में आवास बाजार के इतिहास में 2022 ऐसे साल के रूप में दर्ज होगा, जिसने पहले के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। कोविड में अपना घर होने की जो भावना पैदा हुई थी, वह दरों में बढ़ोतरी, संपत्ति की कीमतों में वृद्धि व त्योहारी छूट या विशेष पेशकश के अभाव के बावजूद बनी हुई है।