शहर ही नहीं, छोटे-बड़े और दूरदराज के गांवों में मौजूद सुविधाओं की जानकारी अब इंटरनेट पर होगी। सुविधाओं में न सिर्फ स्कूल-अस्पताल, बल्कि आंगनबाड़ी केंद्र, हैंडपंप और पनघट भी दर्शाए जाएंगे। राज्य सरकार ने हर गांव-ढाणी में मौजूद सुविधाओं को इंटरनेट पर लाने का निर्णय किया है। हर छोटी-बड़ी सुविधा को वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
शहर ही नहीं, छोटे-बड़े और दूरदराज के गांवों में मौजूद सुविधाओं की जानकारी अब इंटरनेट पर होगी। सुविधाओं में न सिर्फ स्कूल-अस्पताल, बल्कि आंगनबाड़ी केंद्र, हैंडपंप और पनघट भी दर्शाए जाएंगे। राज्य सरकार ने हर गांव-ढाणी में मौजूद सुविधाओं को इंटरनेट पर लाने का निर्णय किया है। हर छोटी-बड़ी सुविधा को वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
इसके लिए सरकार ने जियोग्राफिकल इन्फोर्मेशन सर्विस (जीआईएस) की 'राजधराÓ वेबसाइट शुरू की है। बीते दिनों उदयपुर आई मुख्यमंत्री ने बजट चर्चा के दौरान अधिकारियों को इसके निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के जयपुर लौटते ही सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेंस कर प्रत्येक विभाग के अधिकारियों से सुविधाओं की जानकारी मांगी है। इसके लिए अधिकारियों को तीन दिन का अवसर दिया गया है। सभी विभागों की जानकारी गुरुवार शाम तक वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी।
इन विभागों को निर्देश
जीआईएस के लिए शुरुआत में जलदाय विभाग, चिकित्सा विभाग, जल संसाधन विभाग, जनजाति विभाग, शिक्षा विभाग, वन विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग को निर्देशित किया गया है।
मिलेगी मदद
सभी विभागों से जानकारी मांगी है। इन्हें राजधरा साइट पर अपलोड करेंगे। इससे भविष्य की योजनाओं में मदद मिलेगी।
वाईके जैन, समन्वयक, राजधरा प्रोजेक्ट
ये होंगे जानकारी के फायदे
किसी भी क्षेत्र में सुविधाओं के लिए योजना बनाने में आसानी रहेगी।
मैप पर सुविधाएं चिह्नित होने पर बजट जारी करने में संतुलन बनेगा।
अधिकारी-कर्मचारी सुविधाओं से अलग झूठे आंकड़े नहीं दे पाएंगे।
किसी गांव में जाने पर सुविधाओं की जानकारी आसानी से मिलगी।