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ना जाने किसका दिल आया उस पर, उठा कर ही ले गया

मालिक ने परिचालक को कुछ रकम दे दिल्ली से जयपुर पहुंचाने के लिए दिया था

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मुकेश शर्मा / जयपुर। मंत्री राजेन्द्र सिंह राठौड़ के घर से उनका श्वान लापता हो जाने पर पुलिस ने उसे तलाशने में रात दिन एक कर दिया था। जबकि 30 हजार रुपए कीमत के एक श्वान बच्चे के चोरी हो जाने पर पुलिस ने उसकी गुमशुदगी तक दर्ज नहीं की। यह श्वान का बच्चा कोई घर या बाहर घूमने के दौरान चोरी नहीं हुआ। बल्कि राजस्थान रोडवेज की बस में सोने-चांदी के जेवर की बजाए श्वान के बच्चे की चोरी हुई है। श्वान के मालिक ने आरोप लगाया कि दिल्ली में रोडवेज बस के परिचालक को एक हजार रुपए में श्वान के बच्चे को जयपुर सिंधी कैम्प तक छोडऩे के दिए थे। गुरुवार रात को दिल्ली में श्वान का बच्चा भी उसके सुपुर्द कर दिया था। जयपुर पहुंचने पर परिचालक ने सूचना दी कि श्वान का बच्चा किसी ने चुरा लिया है। पीडि़त मालिक राजेश ने आरोप लगाया कि सिंधी कैम्प थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे। लेकिन पुलिस ने उनकी रिपोर्ट ही नहीं ली।

एक दिन में तलाश लिया था मंत्री का श्वान

पीडि़त का आरोप है कि सिविल लाइंस में मंत्री राजेन्द्र राठौड़ के बंगले से श्वान का बच्चा चोरी होने पर पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज की। इतना ही नहीं एक दिन बाद मंत्री का श्वान तलाश भी लिया गया। लेकिन उनके श्वान के संबंध में कोई सुध नहीं ली जा रही।

उधर, पूर्व मुख्यमंत्री भैस भी तलाश लाई पुलिस

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की भैस चोरी हो गई, तब बिहार पुलिस ने भी रात दिन एक कर पूर्व मुख्यमंत्री की भैस तलाश लाई थी। उनका आरोप था कि रसूख का मामला हो तो पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है। लेकिन आमजन की सुनवाई नहीं करती है। उन्हें चोरी के मामले में परिचिालक पर भी शक है। बस में बीच रास्ते में कोई सवारी उतरी भी नहीं, फिर श्वान का बच्चा चोरी कैसे हो गया। परिचालक ने ही श्वान के बच्चे को गायब करवा दिया। पुलिस पूछताछ करे तो उनके श्वान के बच्चे का पता चल सके।