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बेतरतीब फैलाव से नहीं मिली सुविधा, बहुमंजिला आवास पर टिकी आस

शहर के बेतरतीब तरीके से हो रहे फैलाव ने लाखों लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित कर दिया है। सरकारी एजेंसियां भी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने में नाकाम रही। नतीजा, न तो लोगों तक पेयजल की सरकारी लाइन पहुंच पाई और न ही सड़क, सीवर की सुविधा। इससे परेशान लोगों का फोकस अब बहुमंजिला इमारतों की तरफ हो गया है।

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शहर के बेतरतीब तरीके से हो रहे फैलाव ने लाखों लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित कर दिया है। सरकारी एजेंसियां भी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने में नाकाम रही। नतीजा, न तो लोगों तक पेयजल की सरकारी लाइन पहुंच पाई और न ही सड़क, सीवर की सुविधा। इससे परेशान लोगों का फोकस अब बहुमंजिला इमारतों की तरफ हो गया है।

रियल एस्टेट रेगूलेटरी अथॉरिटी (रेरा) में भी बहुमंजिला आवासीय प्रोजेक्ट (ग्रुप हाउसिंग) के पंजीयन आंकड़े में पिछले वर्ष के अनुपात में 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा जेडीए और दोनों नगर निगमों में मल्टीस्टोरी के नए प्रोजेक्ट के आवेदन की संख्या 100 को पार कर गई। खास यह है कि योजना आयोग और शहरी विकास मंत्रालय भी वर्टिकल विकास बढ़ाने के निर्देश दे चुका है। एक जगह सुविधा के लिए बहुमंजिला इमारतों (अपार्टमेंट) का निर्माण हो।

समझें : बहुमंजिला इमारत से यह सुविधा..सिस्टम को भी बड़ी सहूलियत

● बेतरतीब फैलाव से पानी, बिजली, सड़क, सीवर, ड्रेनेज पर ही 75 फीसदी राशि खर्च। जबकि, ये सुविधाएं बहुमंजिला आवास तक ले जाएं तो 25 से 30 फीसदी राशि में ही काम हो जाएगा।

● सभी तरह का इन्फ्रास्ट्रक्चर समयबद्ध तरीके से होगा, जिससे सुविधाएं भी जल्द मिल जाएंगी। ऐसा भी होगा जब सुविधाएं पहले पहुंचेगी और आप-हम रहने बाद में आएंगे।

● बहुमंजिला आवास को बढ़ावा देने की स्थिति में जमीन बचेगी।

● जमीनों की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी पर लगाम लगेगी।

हमारे लिए यह सुविधा

● शहरी और आबादी क्षेत्र में ही रहने के लिए बजट में आवास उपलब्ध होगा।

● पानी, बिजली, सीवर, ड्रेनेज व अन्य मूलभूत सुविधाएं सीमित क्षेत्र में मिल जाएंगी।

● जब एक ही जगह कई परिवार रहेंगे तो परिवहन सुविधा भी घर के नजदीक ही होगी। इसके लिए दूरी नहीं नापनी पड़ेगी और न ही ज्यादा राशि चुकानी होगी।

● ईंधन (पेट्रोल-डीजल) की बचत होगी। कहीं भी आने-जाने के लिए समय भी कम लगेगा।

● सामाजिक जीवन शैली का दायरा बढ़ेगा, क्योंकि एक ही जगह कई परिवार होंगे।खासकर, बुजुर्ग और बच्चों के लिए बेहतर वातारण।