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Jaipur Crime News: जयपुर में पुलिस ने एक ऐसे नकली किन्नर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने लोगों को डराकर वसूली करने का नया तरीका अपना लिया था। यह गिरोह यूट्यूब वीडियो देखकर किन्नरों की बोलचाल, हावभाव और यहां तक कि बद्दुआ देने का तरीका भी सीखता था। इसके बाद यह लोग साड़ी-ब्लाउज, मेकअप और नकली बालों की मदद से पूरी तरह किन्नर का रूप धारण कर लेते थे।
नकली किन्नर गिरोह ने कईं चौंकाने वाले खुलासे किए है। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य सैकड़ों वीडियो देखकर किन्नरों की एक्टिंग सीखते थे। वे आशीर्वाद देने के साथ बद्दुआ देने का डर दिखाकर लोगों से पैसे वसूलते थे। खासकर परिवार के साथ यात्रा कर रहे लोगों को निशाना बनाया जाता था, ताकि वे डरकर तुरंत पैसे दे दें।
गिरोह के हर सदस्य के लिए रोजाना करीब 5 हजार रुपए की वसूली का टारगेट तय था। टोल प्लाजा, रेड लाइट और हाईवे इनके मुख्य ठिकाने थे। जिसने नए वाहन लिए हो या जो महिला मेहंदी लगी दिख जाए यानी नवविवाहित जोड़ों को देखकर उनसे ज्यादा रकम वसूली जाती थी। इस तरह गिरोह हर महीने लाखों रुपए कमा रहा था।
इस गिरोह की खास बात यह रही कि इसमें एक असली किन्नर को सरगना बनाया गया था। वही उन्हें रहन-सहन और तौर-तरीके सिखाता था। इसके बदले वसूली का एक हिस्सा उसे गुरु दक्षिणा के रूप में दिया जाता था।
अगर कोई व्यक्ति पैसे देने से मना करता, तो गिरोह के सदस्य गाली-गलौज, गाड़ी के शीशे पीटना और अश्लील हरकतें करने लगते थे। कई बार वे गाड़ी के सामने बैठ जाते थे, जिससे लोग मजबूर होकर पैसे दे देते थे। पुलिस ने इस मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें महिला किन्नर माही सैनी (25) सहित नकली किन्नर चंदपाल उर्फ शैलेन्द्र उर्फ रोनक (35), कोरी उर्फ मोनू (31), सूरज अरोरा उर्फ संजना (29), प्रतीक जाटव उर्फ रवि जाटव (23), योगेंद्र सिंह उर्फ छोटी (24), भागचंद खटीक उर्फ वृंदान (24) और वेदप्रकाश (23) उर्फ वेदीका और रामावतार उर्फ रानी (25) शामिल है।
कार्रवाई के बाद जयपुर-अजमेर हाईवे पर सक्रिय कई ऐसे गिरोह फिलहाल अंडरग्राउंड हो गए हैं।
Published on:
23 Mar 2026 01:19 pm
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