
जयपुर में चंग की थाप चढ़ने लगी परवान
Chang Musical Instrument : फाल्गुन का महीना शुरू होने के साथ ही जयपुर शहर की फिजाओं में होली के पर्व का उल्लास परवान चढ़ने लगा है। देवालयों में फागोत्सव के साथ ही फाल्गुनी गीत की बयार देखने को मिल रही है। चंग की थाप पर जगह-जगह फाग के गीतों पर पारंपरिक नृत्य की छटा होली के रंग बिखेर रही है। राजधानी जयपुर में चारदीवारी में विभिन्न जगहों पर चंग की बिक्री भी परवान चढ़ रही है। कारीगरों के मुताबिक चमड़े, आम, शीशम की लकड़ी से चंग तैयार किए जा रहे हैं। कई पीढ़ियां पुश्तैनी काम को जीवंत रखे हुई है। व्यापारियों ने कहा कि सरकार भी इस कार्य को प्रोत्साहन दें। अलग-अलग आकार 12 इंच से लेकर 32 इंच तक के चंग की कीमत 1300 से लेकर 5000 रुपए तक है। व्यापारियों ने बताया कि जयपुर सहित आस-पास के गांवों ही नहीं बल्कि कोलकता, सूरत, गंगानगर, हनुमानगढ सहित विदेशों से भी चंग के आर्डर मिल रहे हैं।
होली में बढ़ जाती है चंग की मांग
नाहरगढ़ रोड स्थित व्यापारी दिनेश शर्मा ने बताया कि लकड़ी के चंग के साथ स्टील-प्लास्टिक से बने चंग की बिक्री भी लगातार बढ़ रही है। रामगंज चौपड़ खटीकों की मंडी में कच्चा माल खरीदा जाता है। होली करीब आते ही बाजार में चंग की मांग बढ़ जाती है। चंग हाथ से बनाए जाते हैं। अब भी हाथ से चंग का निर्माण किया जाता है। बीकानेर से मंगाए फर्निश्ड चमड़े को साफ करके पानी में भिगोया जाता है। उसे आम की लकड़ी के घेरे के नाप के अनुसार काटा जाता है। इसे चिपकाया जाकर फिनिशिंग की जाती है। यह लकड़ी गुजरात से मंगवाई जाती है। आठ से दस कारीगर एक दिन में 10 से अधिक चंग तैयार कर रहे हैं।
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पहले मोची बनाते थे चंग
कल्याण जी रास्ता स्थित व्यापारी रामकेश ने बताया कि पहले चंग बनाने का काम मोची करते थे। पर आजकल ढोलक मंडने वाले कलाकार भी चंग तैयार कर रहे हैं। इसका वजन तीन से चार किलो होता है। नाहरगढ रोड, गणगौरी बाजार में भी बिक्री में इजाफा हुआ है।
बदल रहा तरीका
कारीगर रमेश ने बताया कि पहले चंग को दानामेथी और सरेस से चिपकाया जाता था। लेकिन समय के साथ चिपकाने का तरीका बदल गया। अब इनके स्थान परर् लू का उपयोग किया जाने लगा है। 'होली है' सहित कई तरह के प्रेरक संदेश लिखे जाते हैं। इलेक्ट्रॉनिक वाद्य यंत्रों के दौर के बावजूद चंग, ढपली और मंजीरे की मांग बढ़ी है। दिल्ली समेत दूसरे राज्यों से आर्डर मिले हैं।
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Published on:
27 Feb 2024 10:51 am
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