
घर में नहीं है सब्जी तो आज ही खरीद लें, नहीं तो हो जाएगी महंगी
अश्विनी भदौरिया / जयपुर। गांव बंद आंदोलन का प्रदेश के कई हिस्सों में असर देखने को मिला। प्रदेश में कई स्थानों पर किसानों ने सड़कों पर सब्जियों फेंक व दूध बहाकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं शहरों में जाने वाले दूध व सब्जियों की आपूर्ति भी रोक दी। इसी के तहत सब्जी की आवक शहर में कम होने की संभावना है। ऐसे में शहर की कई मंडियों में सब्जी मिलेगी नहीं और जहां मिलेगी वहां पर महंगी होगी। ऐसे में यदि आपके घर में सब्जी नहीं है तो कम से कम सप्ताह भर के लिए खरीदकर रखे लें।
गांव बंद आंदोलन के पहले दिन मंडियों के प्रवेश रास्तों पर नाके लगाकर किसानों ने सब्जी को शहर में नहीं आने दिया। हालांकि असर शाम से ही दिखना शुरू हो गया था। कई कॉलोनियों में ठेले पर सब्जी बेचने वाले पहुंचे ही नहीं। वहीं मंडी में बैठे सब्जी विक्रेताओं की मानें तो इस आंदोलन की वजह से सब्जी कीमतों में 10 से 15 फीसदी तक तक इजाफा हो सकता है।
कुछेक कॉलोनियों में नहीं पहुंचे ठेलवाले
निर्माण नगर निवासी प्रीति सक्सेना की मानें तो उनका सब्जी वाला शाम को सब्जी लेकर पहुंचा ही नहीं। वहीं ई- ब्लॉक, वैशाली नगर निवासी पूजा शर्मा भी सब्जी वाले ही शाम को राह देखती रहीं, लेकिन उनको भी निराशा ही हाथ लगी।
आलू, प्याज स्टॉक में, हरी सब्जी की होगी
सब्जी मंडी विक्रेताओं की मानें तो आलू, प्याज से लेकर लहसन में आने वाले तीन चार दिनों तक कोई दिक्कत नहीं होगी। वहीं हरी सब्जी तोरई, ग्वार की फली, भिंडी, पालक आदि की दिक्कत हो जाएगी। ये सब्जी पहले से ही महंगी हैं।
यहां से जाती शहर भर में सब्जी
-लाल कोठी
-मुहाना मंडी
-कंवर नगर
-सांगानेरी गेट
किसकी क्या कीमत
तोरई-20, ग्वार की फली 25, करेला-60, नींबू-80, भिंडी-50, परबल-40 रुपए प्रति किलो से शुक्रवार शाम तक बेचे गए। दुकानदारों का मानना है कि हरियाणा, पंजाब और महाराष्ट्र से आने वाली सब्जी को रोका गया तो दिक्कत बढऩा लाजिमी है।
Published on:
01 Jun 2018 10:09 pm
