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राजे सरकार ने दी किसानो को बड़ी राहत, अब इस योजना के तहत होगा ये फ़ायदा

प्रदेश में किसानों के लिए बड़ी राहत की ख़बर है।
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जयपुर

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rohit sharma

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Updated: 7 Apr 2018, 7:21 PM IST

Rajasthan Budget 2018-19

farmer

जयपुर।

प्रदेश में किसानों के लिए बड़ी राहत की ख़बर है। किसानों को अब न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपना गेहूं बेचने के लिए खरीद होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सहकारिता विभाग ने गेहूं खरीद की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए किसानों के लिए आॅनलाइन पंजीयन की व्यवस्था की है।

इस की व्यवस्था के तहत किसानों पर भार कम होगा और किसान आॅनलाइन पंजीयन करवाकर सीधे ही खरीद केन्द्र पर अपनी उपज को बेच सकेंगे। सहकारिता विभाग के प्रमुख शासन सचिव और रजिस्ट्रार कॉपरेटिव सोसायटी अभय कुमार ने बताया कि राज्य में समर्थन मूल्य पर हो रही गेहूं खरीद को इस बार राजफैड एवं तिलम संघ ने आसान बनाकर दिया है। राजफैड के 95 और तिलम संघ के 12 केन्द्रों पर खरीद की जा रही है। इससे किसानों को राहत मिली है। किसान अब अपने घर के आस-पास के ई-मित्र केंद्र या नजदीकी खरीद केंद्र पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। पंजीयन करवाने के दौरान किसान को अपना भामाशाह कार्ड, गिरदावरी एवं बैंक पासबुक साथ ले जानी होगी।

उल्लेखनीय है कि कोटा संभाग में 15 मार्च से तथा प्रदेश के अन्य जिलों में एक अप्रेल से गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू हो गई है। गेहूं का समर्थन मूल्य 1735 रूपए प्रति क्विण्टल निर्धारित किया गया है। पहले होती थी परेशानी प्रमुख सचिव ने बताया कि पूर्व में जितनी भी खरीद हुई है, उनमें किसानों को तक खरीद केंद्र पर अपनी उपज बेचने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। आॅफलाइन व्यवस्था होने से खरीद केंद्र पर अव्यवस्थाएं उत्पन्न हो जाती थीं। इससे खरीद प्रक्रिया भी प्रभावित होती थी।

सीधे बेच सकेंगे उपज

अब किसान ऑनलाइन पंजीयन करवाकर अपनी उपज सीधे ही खरीद केंद्र पर बेचने के लिए ले जा सकते हैं। इससे भुगतान भी सीधा किसान के खाते में होगा। राजफैड की प्रबंध निदेशक डॉ. वीना प्रधान ने बताया कि पहले खरीद एजेंसी से भुगतान प्राप्त होने के बाद केवीएसएस स्तर पर चेक बनाने में काफी समय लगता था। नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर किसानों को चेक लेने के लिए चक्कर लगाने पड़ते थे और चेक क्लियर होने में भी समय लगता था। 2016 में मूंग की खरीद का भुगतान प्राप्त करने में किसानों को परेशान होना पड़ा था। लेकिन ऑनलाइन पंजीयन से अब यह काम बहुत आसान और समय पर होने लगा है।