
जयपुर। महिला सशक्तीकरण की दिशा में प्रदेश की गहलोत सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। गहलोत सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण परिवारों को जारी किए जाने वाले घरेलू नल कनेक्शन परिवार की महिला मुखिया के नाम जारी करने को वरीयता देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से जारी प्रस्ताव में घरेलू नल कनेक्शन में महिला मुखिया के साथ ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति में 50 प्रतिशत सदस्य महिलाएं होंगी। शेष सदस्यों में 25 प्रतिशत पंचायत के निर्वाचित सदस्य और 25 प्रतिशत गांव के कमजोर वर्ग (एसटी-एससी) के प्रतिनिधि उनकी आबादी के अनुपात में शामिल होंगे।
राज्य सरकार के इस फैसले से महिलाओं को अपने गांव में जल जीवन मिशन के प्रबंधन में भागीदारी निभाने का मौका मिलेगा और वे सशक्त बनेंगी। गौरतलब है कि जिन ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की किल्लत होती है, वहां महिलाओं और किशोरियों को दैनिक उपभोग का पानी लाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जल जीवन मिशन के तहत घरेलू नल कनेक्शन मिलने से ग्रामीण महिलाओं एवं किशोरियों को इन कठिनाइयों से निजात मिलेगी।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा नल कनेक्शन परिवार की महिला मुखिया के नाम जारी करने में वरीयता देने का फैसला लेने का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को अपने गांव में जल जीवन मिशन का नेतृत्व प्रदान करना और ग्राम स्तर पर महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
Published on:
01 Jun 2021 07:38 pm
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