
राजपूत शक्ति सम्मेलन में निशाने पर फिल्मकार संजय लीला भंसाली
निर्माता—निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावती' पर राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और पंजाब में बैन लगाने के बाद जहां विरोध करने वाले लोगों में खुशी का माहौल है। वहीं, फिल्म इंडस्ट्री में इसे लेकर नाराजगी का माहौल है। फिल्म स्टार मूवी पर बैन का विरोध जता रहे हैं। लोगों में भी मूवी की रिलीज रोकने को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। फिल्म के 4 राज्यों में बैन होने के बाद फिल्म का विरोध करने वाले लोगों और फिल्मी जगत से जुड़े लोगों ने भी मिली-जुली प्रतिक्रिया जाहिर की है।
देश के 4 राज्यों ने फिल्म पद्मावती की रिलीज पर रोक लगाकर अच्छा उदाहरण पेश किया है। राज्य सरकारों ने संवेदनशील रवैया दिखाया है। यह लोगों की एकता की जीत है। आगे से कोई भी इतिहास से खिलवाड़ की हिम्मत नहीं करेगा।
-लोकेन्द्र कालवी, संरक्षक, करणी सेना
फिल्म पर प्रतिबंध का फैसला सही है। जब तक विवाद का निपटारा ना हो तब तक फिल्म की रिलीज पर रोक लगाना जरूरी था। राजपूत समुदाय सहित अन्य लोगों की समिति को फिल्म दिखाकर रिलीज की जा सकती है।
-बलवीर हाथोज, प्रतिनिधि, सर्व समाज समिति
सरकार ने जनता की मांग को माना है, ये सही कदम है। जब तक फिल्म पद्मावती में बदलाव ना हो तब तक इसे रिलीज नहीं होने देना चाहिए।
-जबर सिंह, प्रतिनिधि, सर्व समाज समिति
निर्माता—निर्देशक संजय लीला भंसाली सुलझे हुए इन्सान है। उनका फिल्म बनाने का अपना तरीका है। फिल्म एक आर्ट होती है, इसे कला की तरह ही लेना चाहिए। फिल्म पद्मावती को भी एक मूवी की तरह ही देखना चाहिए। फिल्म पर रोक लगाना सही नहीं है।
-सुनीता नागपाल, एनएसडी
मैं जयपुर का ही रहने वाला हूं और खुद फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रहा हूं। इसलिए समझ सकता हूं कि मूवी बनाने में कितनी मेहनत और पैसा लगता है। फिल्म रिलीज पर प्रतिबंध लगाना ठीक नहीं है।
-वैभव माथुर, टीवी आर्टिस्ट
Published on:
21 Nov 2017 11:54 am
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