
दीपावली पर दौड़ती रहीं दमकलें...कहीं दुकानें, कहीं गाडिय़ां तो कहीं जलकर नष्ट हो गए कच्चे घर
प्रदेश भर में 350 जगहों पर लगी आग
जयपुर
दिवाली की रात प्रदेश भर में दमकलें दौड़ती रहीं। एक जगह आग पर काबू पाया गया तो दूसरी जगह हादसा, दूसरी जगह आग बुझाई तो फिर से आग लगने का मैसेज आ गया। दमकलों की इस दौड़ के बीच करोड़ों रुपयों का नुकसान हुआ सो अलग, कई जिलों में तो आग से घिरे मवेशी भी जिंदा जल गए। सबसे ज्यादा घटनाएं जयपुर जिले में हुईं। गनीमत रही कि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
जयपुर में चालीस से ज्यादा जगहों पर आग
जयपुर में चालीस से ज्यादा जगहों पर आग लगी। अधिकांश आग पटाखों की वजह से लगी। शहर में देर दिवाली की रात आदर्श नगर में एक कबाड़ गोदाम में भीषण आग लग गई। इस आग पर काबू पाने में दमकल विभाग के पसीने छूट गए। करीब डेढ़ दर्जन दमकलों ने कई चक्कर लगाकर करीब तीन घंटे में आग पर काबू पाया। संकरी गली होने के कारण दमकलों को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा नाहरगढ में यज्ञशाला की बावड़ी में एक सूखे पेड़ में भी आग लगी, जिसे एक दमकल की मदद से काबू पाया गया। वहीं रात में नाहरगढ़ की पहाड़ी पर तीन-चार स्थानों पर आग लगी। आग को बुझाने के लिए पहाड़ी तक दमकल नहीं पहुंच पाई। मानसरोवर मेट्रो स्टेशन के पास भी एक किराने की दुकान में आग लग गई थी, जिसे एक दमकल की मदद से बुझाया गया। दादी का फाटक के पास भी एक खाली प्लाट में आग लग गई थी, जिसे एक दमकल की मदद से बुझाया गया। वीकेआई में तीन स्थानों पर आग लगी थी। इसमें आग लगने से एक ट्रक भी जल गया।
पचास से ज्यादा लोग पटाखों से घायल
वहीं दीपावली के अवसर पर पटाखों से झुलसकर करीब पचास लोग सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचे। पटाखों से सबसे ज्यादा बच्चे झुलसे हैं। इसमें आधा दर्जन बालिकाएं भी शामिल हैं। पटाखों से झुलसे लोगों में आधा दर्जन की हालत नाजुक बनी हुई है। जयपुर शहर में पटाखों से करीब डेढ़ दर्जन से अधिक बच्चे झुलस गए। हादसों में आधा दर्जन से अधिक महिलाएं भी झुलसी हैं।
प्रदेश में कई जगह अग्निकांड
- करौली में जाजोद गांव की बाडावाली ढंणी निवासी मंगला राम सैनी के यहां सवाई माधोपुर में दुकान में लगी आगविद्युत लाइन से पटाखा टकरा जाने से स्पार्किंग हो गई। इससे लगी आग ने एक कच्चे मकान को चपेट में ले लिया। मकान के पास ही दो भैसें बंधी हुई थी। दोनों की जलने से मौत हो गई।
- पाली के रोहट कस्बे में दिवाली की रात एक खेत मे आग लग गई। हवा चलने से आग फैलती गई। खेत में रखी सूखी घास, लकडिय़ां और फसल आग लगने से जलकर नष्ट हो गई। एक घंटा देर से दमकल पहुंची।
- भीलवाड़ा के शाहपुरा इलाके में फैक्ट्री में नगर पालिका की दमकल होने के बावजूद आग पर काबू नहीं पाया जा सका। स्टाफ नहीं होने के कारण दमकल मौके पर ही खड़ी रह गई और फैक्ट्री मिनटों में धधक गई।
- जोधपुर के आखलिया क्षेत्र में गुरुवार रात पटाखों की दुकान में आग लग गई। इससे पहले आतिशबाजी व अन्य कारणों से दीपावली की रात बुधवार रात शहर में तीन दर्जन से अधिक स्थानों पर आगजनी हुई थी।
- करौली जिले के केशपुरा गांव के समीप एक दुकान में आग लगने से हजारों रुपए के सिंचाई के लिए रखे पाइप एवं चारा जल गया। दो दमकलों ने एक घंटे में आग पर काबू पाया।
- उदयपुर जिले के पाणुन्द गांव में पानुन्द माता मन्दिर के आस-पास करीब पांच बीघा खेतों में अज्ञात कारणों से आग लग गई। गांव में खेंखरा पर्व होने के चलते ग्रामवासी चारभुजा जी के मंदिर पर एकत्रित होकर पर्व मना रहे थे, इसी बीच सूचना मिलते ही सभी खेतों की और दौड़ पड़े।
- चूरू में पटाखे छुड़ाते समय हादसों में करीब दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। चार लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। चूरू में दिवाली की रात दो दर्जन से ज्यादा स्थानों पर आग लगी।
- अजमेर के पीसांगन में चाय की एक दुकान में आग लग गई। लोगों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया। बाद में दमकलें पहुंची और आग पर काबू पाया। आग पटाखों की चिंगारी से लगी।
- जैसलमेर के व्यास छतरी शमशान घाट में पटाखे जलाने के दौरान शमशान घाट में आग लग गई। वहीं रामदेवरा क्षेत्र के छायण गांव में पटाखों की चिंगारी से दो कच्चे घरों में आग लग गई।
- जोधपुर के भाखरी गांव में 13 वर्ष का बालक हिमांशु सिंह पटाखे जला रहा था। अचानक कपड़ों में आग लग गई। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही हैं।
- बांसवाड़ा जिले के खमेरा थाने क्षेत्र के घाटोल कस्बे के पोस्ट ऑफिस चौरा के निकट कपड़ा गोदाम में अचानक आग लग गई।
- सिरोही आबूराड इलाके के पास स्थित खड़ात गांव में दिवाली की रात पटाखों से एक खेत में आग लग गई। आग लगने से खेत पर बंधे मवेशी बेकाबू हो गए।
- नागौर के मकराना उपखण्ड के ग्राम जानासर में पटाखों से एक बाड़े में आग लग गई। बाड़े में मवेशी बंधे हुए थे। आग लगने से कुछ बकरियां जिंदा जल गई और चारा जलकर नष्ट हो गया।
- सीकर के खंडेला बने कच्चे छप्पर पटाखों की चिगारी से आग लग गई। छप्पर के नीचे बकरियां और भैसें बंधी हुई थी। आग लगने से छप्पर टूटकर नीचे गिर गया और दो भैसों की जलकर मौत हो गई। आग सीताराम जाट के छप्पर मे लगी।
Updated on:
09 Nov 2018 01:22 pm
Published on:
09 Nov 2018 01:03 pm
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