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गहलोत कैबिनेट की पहली बैठक के फैसलों में झलकी आम चुनाव की तैयारी

कांग्रेस ने सत्ता संभालने के साथ लोकसभा चुनाव की तैयारी भी शुरू कर दी है। कैबिनेट की पहली बैठक के फैसलों में इसी तैयारी की झलक दिख रही है।
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ashok gehlot

जयपुर। कांग्रेस ने सत्ता संभालने के साथ लोकसभा चुनाव की तैयारी भी शुरू कर दी है। कैबिनेट की पहली बैठक के फैसलों में इसी तैयारी की झलक दिख रही है। इसमें सरकार ने किसान, युवा, दलित, वृद्ध और आमजन को खुश करने का प्रयास किया है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 19 दिसंबर को किसान कर्जमाफी की घोषणा कर दी थी लेकिन इसे लेकर भाजपा सवाल खड़े कर रही थी। ऐसे में कैबिनेट की बैठक में इस पर खुलकर चर्चा हुई।

कुछ मंत्रियों ने जनता के फीडबैक से मुख्यमंत्री गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को अवगत भी कराया। इसके बाद कर्जमाफी में सहकारिता क्षेत्र के बैंक के साथ राष्ट्रीयकृत बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और भूमि विकास बैंक की बात की गई।

मंत्री बनने के बाद जन प्रतिनिधि जनता से मिलते नहीं हैं और लोग समस्या लिए चक्कर काटते रहते हैं, इस आम धारणा के मद्देनजर लोगों को खुश करने के लिए सरकार ने सभी मंत्रियों को जनसुनवाई करने के लिए पाबंद किया है।

वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाकर भी लाखों लोगों को राहत देने का प्रयास किया गया है। संविदाकर्मियों की समस्याओं के निस्तारण के लिए कमेटी गठित करने का निर्णय युवाओं और अंबेडकर विश्वविद्यालय शुरू करने का निर्णय दलितों को खुश करने वाला माना जा रहा है।

राजनीतिक संदेश भी
भाजपा सरकार के समय के निर्णयों को बदलकर कांग्रेस सरकार ने रुख स्पष्ट कर दिया है कि लोकसभा चुनाव से पहले ऐसे कई अन्य निर्णय किए जा सकते हैं।

भाजपा ने बताया निराशाजनक

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने कैबिनेट की पहली बैठक के निर्णयों को जनता के लिए निराशाजनक बताया है। उन्होंने कहा कि खेत में खड़ी फसल यूरिया के अभाव में खराब हो रही है। यूरिया मांग रहे किसानों पर पुलिस लाठी चला रही है। यूरिया की कालाबाजारी हो रही है मगर मंत्रिमंडल की बैठक में इस पर कोई बात नहीं हुई।