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JLF 2026: 15 जनवरी से होगा 5 दिवसीय जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल, पहली लिस्ट में इंटरनेट के जनक टिम बर्नर्स ली समेत ये नाम शामिल

JLF 2026 First List Release: नोबेल पुरस्कार विजेता ओल्गा टोकारचुक, इंटरनेट के जनक टिम बर्नर्स-ली, चेस ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद, ब्रिटिश कॉमेडियन और राइटर स्टीफन फ्राय सहित कई हस्तियों के नामों को शामिल किया गया है।

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टिम बर्नर्स ली (फोटो: सोशल मीडिया)

Jaipur Literature Festival 2026: गुलाबी नगर एक बार फिर साहित्य के महापर्व 'जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल' से गुलजार होगा। 2026 में नए साल के जश्न के बीच पांच दिवसीय फेस्टिवल के 19वें सीजन की शुरुआत 15 जनवरी से होगी।

होटल क्लार्क्स आमेर में आयोजित होने वाले फेस्टिवल की पहली लिस्ट सोमवार को जारी की गई। जिसमें नोबेल पुरस्कार विजेता ओल्गा टोकारचुक, इंटरनेट के जनक टिम बर्नर्स-ली, चेस ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद, ब्रिटिश कॉमेडियन और राइटर स्टीफन फ्राय सहित कई हस्तियों के नामों को शामिल किया गया है।

फेस्टिवल में 6 मंचों पर 350 से ज्यादा वक्ता भाग लेंगे। इस बार भारतीय भाषाओं की समृद्धता से लेकर AI तकनीक पर विशेष सत्र आयोजित होंगे।

साहित्य, संगीत और संवाद का होगा संगम

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के मंच पर देश-दुनिया के लेखक, विचारक, कलाकार और पाठक एक साथ शामिल होंगे। जिसमें साहित्य, कला, संगीत और संवाद का संगम होगा। इसमें साहित्यिक चर्चा के साथ-साथ प्रेरक संवाद, बहस, संगीत प्रस्तुतियां, कला प्रदर्शनी, शिल्प, भोजन संस्कृति और अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। फेस्टिवल में वक्ता कथा-साहित्य, कविता, इतिहास, कला, विज्ञान, गणित, चिकित्सा, मानसिक स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन, व्यापार, राजनीति, सिनेमा, लिंग समानता, अनुवाद, पहचान और नस्ल जैसे कई महत्वपूर्ण विषय पर 350 से अधिक वक्ता अपने विचार रखेंगे।

साहित्य के नए रूपों पर की जाएगी चर्चा

आयोजक टीमवर्क आर्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर संजॉय के. रॉय ने बताया कि जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के 19वें सीजन का साहित्य प्रेमियों को इंतजार है। ऐसे में भारत और विदेश के कई मशहूर नाम साहित्य उत्सव को रोशन करेंगे। इसमें कई नोबेल, बुकर और प्रतिष्ठित अवॉर्ड विजेता लेखक, इतिहासकार और विचारक शिरकत करेंगे।

जेएलएफ की सह निदेशक नमिता गोखले ने बताया कि इस बार भारतीय भाषाओं की समृद्धता, बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों, एआई जैसी नई तकनीक और साहित्य के नए रूपों पर चर्चा की जाएगी।