
Fish gave 860 volt shock
जयपुर।
वैज्ञानिक मानते आए थे कि करंट मारने वाली इलेक्ट्रिक ईल नामक मछली की एक ही प्रजाति है। लेकिन हाल ही में शोधकर्ताओं की एक टीम ने दक्षिण अमेरिका के अमेजऩ बेसिन में ईल की तीन प्रजातियां देखीं। इनमें से एक प्रजाति जीव जगत में अब तक का सबसे ज़ोरदार करंट मारती है।
इस जीव के वंशवृक्ष का सटीक निर्धारण करने के लिए शोधकर्ताओं ने ब्राज़ील, सूरीनाम, फ्रेंच गियाना और गुयाना से 107 ईल को पकड़कर उनका अध्ययन किया। इस अध्ययन में ईल के डीएनए का विश्लेषण, शरीर और हड्डियों की संरचना को देखा गया और यह देखा गया कि उसे कहां से पकड़ा गया था। नेचर कम्युनिकेशन्स की रिपोर्ट के अनुसार शोधकर्ताओं ने पाया कि ईल के तीन अलग-अलग जेनेटिक समूह हैं जिनका भौगोलिक क्षेत्र भी अलग-अलग है। ये तीन प्रजातियां हैं- सुदूर उत्तर (गुयाना और सुरीनाम) में रहने वाली इलेक्ट्रोफोरस इलेक्ट्रिकस, उत्तरी ब्राज़ील के अमेजऩ बेसिन के निचले इलाके में पाई जाने वाली ई.वैराई और दक्षिण ब्राज़ील में पाई जाने वाली ई.वोल्टेई।
वैसे इन सभी प्रजातियों का रंग भूरा, त्वचा झुर्रीदार होती है और त्योरी चढ़ा चेहरा होता है। हालांकि इनके आधार पर इनके बीच भेद कर पाना तो असंभव था। लेकिन टीम ने उनकी खोपड़ी के आकार और शरीर की संरचना में थोड़ा अंतर पाया।
इसके बाद वैज्ञानिकों ने इन तीनों के बिजली के झटकों की ताकत नापने के लिए छोटे स्विमिंग पूल का उपयोग किया। नई खोजी गई प्रजाति ई.वोल्टेई ने 860 वोल्ट का झटका दिया जो घरेलू बिजली के वोल्टेज से 4 गुना अधिक है। ई.इलेक्ट्रिकस के झटके का अधिकतम रिकॉर्ड 650 वोल्ट का था।
Published on:
08 Oct 2019 11:40 pm
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