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राजस्थान के सरकारी स्कूलों में शुरू हुआ पांच दिन का सप्ताह !, जानें अचानक कैसे बदली यह व्यवस्था

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राजस्थान के सरकारी स्कूलों में शुरू हुआ पांच दिन का सप्ताह, जानें अचानक कैसे बदली यह व्यवस्था

जया गुप्ता / जयपुर. प्रतियोगी परीक्षाओं के चलते महीनेभर से सरकारी स्कूलों के बच्चों की पढ़ाई गड़बड़ाई हुई है। हर रविवार को प्रतियोगी परीक्षाएं होने के कारण सरकारी स्कूलों में अघोषित रूप से पांच दिन का सप्ताह चल रहा है।

राजधानी के अधिकांश सरकारी स्कूलों में यही हाल है। शनिवार को कई स्कूलों में अघोषित छुट्टी हो रही है। जहां छुट्टी नहीं हो रही, वहां पढ़ाई भी नहीं हो पा रही। क्योंकि इन स्कूलों के शिक्षकों को वीक्षक के रूप में परीक्षा केंद्रों पर लगाया जा रहा है। परीक्षा से एक दिन पहले यानी शनिवार को वीक्षकों को परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाएं संभालने में लगाया जा रहा है। जिन स्कूलों में परीक्षा केंद्र हैं वहां व्यवस्था के लिए छुट्टी की जा रही है। रविवार को होने वाली उद्योग प्रसार अधिकारी भर्ती परीक्षा से पहले शनिवार को भी ऐसा ही आलम नजर आया। कहीं अघोषित छुट्टी कर दी गई, कहीं बच्चे तो बैठे रहे लेकिन शिक्षक नहीं होने के कारण पढ़ाई नहीं हुई।

ऐसा रहा स्कूलों का हाल
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय झालाना डूंगरी, सोमेश्वरपुरी : दो पारी में चलने वाले इस स्कूल में परीक्षा केंद्र है। रविवार को परीक्षा होने के कारण शनिवार को पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों (एक पारी) की छुट्टी कर दी गई। बैठक व्यवस्था के मद्देनजर सुबह की शिफ्ट में भी घंटेभर पहले छुट्टी कर दी गई। स्कूल में 1300 विद्यार्थी हैं लेकिन शनिवार को आधे से अधिक बच्चे पढ़ाई नहीं कर पाए। दोपहर की शिफ्ट में कुछ बच्चे स्कूल आए लेकिन पढ़ाई नहीं हुई। स्कूल में 300 अधिक अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।

राजकीय प्राथमिक स्कूल, जवाहरनगर टीला नंबर सात : स्कूल में संस्था प्रधान सहित 3 शिक्षक हैं। संस्था प्रधान छुट्टी पर हैं और दोनों महिला शिक्षकों की ड्यूटी वीक्षक के रूप में लगाई गई है। स्कूल बंद नहीं रहे, इसके लिए टीचर ने अपनी ड्यूटी हटवाई है। पहली से पांचवीं तक 116 बच्चे हैं और शनिवार को सभी कक्षाओं को एक ही टीचर ने पढ़ाया।

राजकीय माध्यमिक स्कूल, जलमहल, परशुरामद्वारा : इस स्कूल में भी कक्षाओं में बच्चे खाली बैठे मिले। स्कूल में 9 शिक्षक हैं लेकिन 3 ही मौजूद थे, शेष 6 की ड्यूटी परीक्षा केंद्रों पर वीक्षक के रूप में लगी है। उन्हें एक दिन पहले शुक्रवार को कार्यमुक्त कर दिया गया, जो शनिवार सुबह बैठक व्यवस्था के लिए सीधे परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे।