
स्कूली बच्चों का तनाव दूर करेंगे पंच तत्व
हिन्दू धर्म के अनुसार पृथ्वी, वायु, जल,आकाश और अग्नि से मिलकर शरीर का निर्माण हुआ है। इन पंच तत्वों से ही अब सरकारी स्कूलों के बच्चों को ना केवल जीवन जीने का कौशल सिखाया जाएगा बल्कि उनका आत्म सम्मान, आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ ही उनका तनाव और डर दूर किया जाएगा और यह सब होगा स्कूलों में यूथ और इको क्लब (Youth and Eco Club) के गठन के जरिए। जो प्रारम्भिक व माध्यमिक शिक्षा में पांच सदन के रूप में होंगे। जिनके नाम होंगे पृथ्वी, जल, वायु, आकाश व अग्नि। ये सदन पर्यावरण व जैव विविधता के प्रति जागरुकता (Awareness of environment and biodiversity) बढ़ाने के साथ ही पर्यावरण गतिविधियों के प्रोजेक्ट (environmental activities projects) बनाने का कार्य भी करेंगे।
इस तरह किया जाएगा गठन
यूथ और इको क्लब (Youth and Eco Club) के प्रभारी संस्था प्रधान होंगे। इसमें कक्षा नौ से 12 तक अलग.अलग पांच.पांच सदन बनाए जाएंगे। संस्था प्रधान (head of institution) की ओर से हर सदन का प्रभार हर शिक्षक को दिया जाएगा। शिक्षकों की संख्या हाउस से अधिक होने पर एक सदन के एक से अधिक प्रभारी भी बनाए जाएंगे। हालांकि अभी कोविड के कारण 9वीं से 12 तक के बच्चों को ही एक सितंबर से स्कूल बुलाया जाएगा। ऐसे में इन कक्षाओं में अध्ययनरत बच्चे ही इसमें शामिल होंगे।
नहीं बदलेगा विद्यार्थी का हाउस
विद्यार्थी के स्कूल में प्रवेश करने पर उसे जिस हाउस का सदस्य बनाए जाएगा। वह विद्यालय की अंतिम कक्षा तक उसी सदन का सदस्य रहेगा। हाउस के नाम के आधार पर भाषण, निबंध लेखन, पत्र लेखन, पोस्टर बनवाने, साहित्यिक व सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा। साथ ही भषा, सामाजिक विज्ञान के विषय जैसे भूगोल, इतिहास, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान और विज्ञान संकाय के विषयों जैसे जीव विज्ञान, भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र, गणित और खगोल विज्ञान आदि को सदन के नाम के साथ जोड़ते हुए इन विषयों की महत्ता विद्यार्थियों को समझाई जाएगी।
यह होंगी यूथ और इको क्लब की एक्टिविटीज
यूथ क्लब में खेल व शारीरिक गतिविधियों का आयोजन होगा, इसमें योग, ड्रामा, वाद.विवाद, संगीत कला, सांस्कृतिक गतिविधियां व रीडिंग गतिविधि शामिल हैं। जबकि इको क्लब में शिक्षक, डॉक्टर,कोच व पर्यावरण की वार्ता करवाना, बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी रखना, स्वच्छता कार्यक्रम चलाना, ,बच्चों के नाखून, बाल आदि की प्रार्थना सभा में जांच करना आदि गतिविधियां रहेंगी। साथ ही माह के आखिरी दिन स्कूल में स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित होंगे जिसमें स्कूल परिसर की साफ सफाई, कचरा निस्तारण, पानी की टंकियों की सफाई आदि की जाएगी। इतना ही नहीं जल सरंक्षण के प्रति आमजन को जागरुक किया जाएगा। विद्यार्थियों को सड़क पर पैदल चलने और वाहन चलाने के नियमों की जानकारी दी जाएी। क्लब एक्टिविटीज का आयोजन शिविरा कैलेंडर के अनुसार निर्धारित दिन और स्कूल समय के बाद किया जाएगा
मिलेंगे 5 से 25 हजार रुपए
प्रारम्भिक शिक्षा के 32 हजार 630 स्कूलों के लिए 1631.50 लाख रुपए और माध्यमिक शिक्षा के 9898 स्कूलों के लिए 989.80 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। प्राथमिक विद्यालय को 5000, उच्च प्राथमिक को 15000 तथा माध्यमिक व उच्च माध्यमिक को 25000 रुपए दिए जाने का प्रावधान किया गया है। राजधानी जयपुर के 325 स्कूलों में इन क्लब का गठन होगा। जिसके लिए 54 हजार 750 रुपए का प्रावधान विभाग ने किया है।
रजिस्टर में भी होगा अंकित
उपस्थिति रजिस्टर में विद्यार्थी के नाम के आगे उसके सदन का नाम भी लिखा जाएगा। इसके साथ ही इसमें कनिष्ठ या वरिष्ठ जैसा कोई भेद नहीं होगा। विद्यार्थी सभी गतिविधियों में समान रूप से भाग लेंगे। स्कूलों में इन क्लबों के गठन के निर्देश दे दिए हैं।
कहां कितने स्कूल
अलवर में 328, अजमेर में 332, बांसवाड़ा 352, बारां 141, बाड़मेर 430, भरतपुर 257, भीलवाड़ा 314, बीकानेर 288, बूंदी 137, चित्तौडगढ़़ 151, चूरू 227, दौसा 182, धौलपुर 190, डूंगरपुर 279, श्रीगंगानगर 171, हनुमानगढ़ 197, जयपुर में 365,जैसलमेर 73, जालौर में 260, झालावाड़ 189, झुंझुनू 109, जोधपुर 357, करौली 143, कोटा 126,नागौर 292, पाली 217,प्रतापगढ़ 156, राजसमंद 153, सवाई माधोपुर 132, सीकर 186, सिरोही 158, टोंक 144 और उदयपुर में 413स्कूलों में इनका क्लबों का गठन किया जाएगा।
Published on:
25 Aug 2021 04:11 pm
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