
जयपुर/ सीकर।
9वीं लोकसभा चुनाव में संयुक्त मोर्चे के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार चौधरी देवी लाल और लोकसभा अध्यक्ष बलराम जाखड़ के राजस्थान के सीकर संसदीय क्षेत्र में चुनाव मैदान में उतरने से यह सीट सबसे ज्यादा चर्चित रही थी। उस समय चौधरी देवीलाल हरियाणा के मुख्यमंत्री और जाखड़ लोकसभा अध्यक्ष थे।
इन दोनों दिग्गज जाट नेताओं के बीच चुनावी मुकाबला होने से यह चुनाव सबसे ज्यादा चर्चित बन गया था। दोनों नेता रिश्ते में रिश्तेदार थे और चुनाव परिणाम में जीजा की हार हुई और उन्हें हराने वाले रिश्तेदार चौधरी देवीलाल देश का उपप्रधानमंत्री बने। इस चुनाव में जाखड़ ने कांग्रेस के प्रत्याशी और देवीलाल ने जनता दल प्रत्याशी के रुप में चुनाव लड़ा।
देवीलाल संयुक्त मोर्चे के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे। उस दौरान चौधरी देवीलाल के पक्ष में प्रचार करने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी भी सीकर आए और देवीलाल के लिए वोट मांगे। इस कारण भी सीकर सीट ज्यादा चर्चा में आई। इससे पहले जाखड़ ने दावा किया था कि उन्हें कोई चुनाव नहीं हरा सकता।
इसके बाद इस चुनौती को चौधरी देवीलाल ने स्वीकारा और वह उनके सामने चुनाव लडऩे के लिए सीकर आए। उन्होंने जाखड़ को 46 हजार 756 मतों से हराया। उस समय देवीलाल के लिए एक नारा मशहूर हुआ था कि ''ताऊ पूरा तोलेगा, लाल किले पर बोलेगा''। हालांकि बाद में ताऊ के नाम से मशहूर चौधरी देवी लाल ने लाल किले से बोलने से इंकार कर दिया और उन्होंने प्रधानमंत्री पद लेने से मना कर देने पर वी पी सिंह प्रधानमंत्री बने और चौधरी देवीलाल उप प्रधानमंत्री।
उस समय लोकसभा चुनाव में देवीलाल ने हरियाणा के रोहतक संसदीय क्षेत्र से भी चुनाव जीता था। बाद में उन्होंने रोहतक सीट को छोड़ दिया और सीकर से सांसद रहने का फैसला किया, लेकिन दो वर्ष बाद ही जब उपचुनाव हुए तो देवीलाल रोहतक से फिर चुनाव में उतरे लेकिन उन्हें कांग्रेस के भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सामने हार का सामना करना पड़ा।
Published on:
28 Apr 2019 04:12 pm
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