
राजस्थान के बांध, तालाब, झालों पर लगेंगे फ्लोटिंग सोलर प्लांट
भवनेश गुप्ता
जयपुर। राजस्थान में सस्ती बिजली का उत्पादन बढ़ाने के लिए अब पानी में भी सोलर प्लांट लगेंगे। प्लांट बांध, तालाब और झीलों में लगाए जाएंगे। पायलट प्रोजेक्ट जयपुर में मानसागर या फिर अजमेर के आनासागर, फायसागर में लगाया जाएगा। वहीं, बड़े प्रोजेक्ट के लिए बीसलपुर और माही बांध को चिन्हित किया गया है। स्टडी के लिए हाल ही राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम और एनटीपीसी (नेशनल थर्मल पॉवर कार्पोरेशन) की टीम ने बांध, झीलों का जायजा भी लिया है। खास यह है कि इसके जरिए बांध, तालाब और झीलों से पानी का वाष्पीकरण 65 से 70 प्रतिशत तक कम होगा और जमीन की तुलना में 10 से 15 प्रतिशत तक ज्यादा बिजली बनेगी। प्रस्ताव पर जल्द ही निर्णय होगा।
1. पायलट प्रोजेक्ट प्रस्तावित : 1 से 2 मेगावाट तक के प्लांट
मानसागर, जयपुर- 1 मेगावाट
आनासागर, अजमेर- 2 मेगावाट
फायसागर, अजमेर- 2 मेगावाट
2. बांधों में बड़े प्रोजेक्ट
बीसलपुर बांध- 500 से 1000 हजार मेगावाट
माही बांध- 2000 मेगावाट
(अभी स्टडी की गई है)
फायदे का लेखा-जोखा
-जमीन पर 1 मेगावाट क्षमता के प्लांट के लिए डेढ़ से 2 हेक्टेयर एरिया की जरूरत है। जबकि, पानी में एक हेक्टेयर एरिया में ही काम होगा।
-जमीन या छत पर लगने वाले प्लांट के मुकाबले 10 से 15 प्रतिशत ज्यादा बिजली उत्पादन।
-पानी के वाष्पीकरण की दर में 62 से 70 प्रतिशत की कमी।
-बांध, तालाब में काई जमने की स्थिति कम होगी। इससे पानी के ट्रीटमेंट प्लांट संचालन में खर्चा कम होगा।
-सोलर पैनल को सफाई, धोने में उपयोग आने वाला पानी बचेगा।
यह है चुनौती
-सामान्य प्लांट के मुकाबले लागत 25 से 30 प्रतिशत ज्यादा है। लागत को कम करना जरूरी।
-बांध, तालाब, झील में पानी का लेवल कम होता है या फिर तेज हवा चलती है तो पैनल को डेमेज होने से बचाना।
यह होगा
बांध जल संसाधन विभाग के पास है, इसलिए उनसे अनुमति लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। संभवतया एनटीपीसी बतौर वेंडर काम करेगा, जबकि अक्षय ऊर्जा निगम इसका खर्चा वहन करेगा।
ओंकारेश्वर बांध पर लग रहा सबसे बड़ा प्लांट
अभी मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में नर्मदा नदी के ओंकारेश्वर बांध पर विश्व का सबसे बड़ा तैरता हुआ सोलर पार्क बन रहा है। प्लांट की क्षमता 600 मेगावाट है। इसके अलावा आंधप्रदेश, केरल, कर्नाटक में भी कम क्षमता के प्लांट लगाए गए हैं।
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-सौर ऊर्जा ज्यादा से ज्यादा मिले और पानी का वाष्पीकरण कम हो, इसके लिए बांध, तालाब, झीलों पर भी सोलर प्लांट लगाने की संभावना तलाश रहे हैं। एनटीपीसी ने स्टडी की है, जिसमें सकारात्मक संकेत मिले हैं। जल्द ही उच्च सतर पर अंतिम फैसला होगा।
-आशुतोष ए.टी. पेडणेकर, अध्यक्ष, राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम
Published on:
02 Feb 2023 10:00 pm
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