
Rajasthan fabric printing: राजस्थान में 'झाग प्रिंट' अनूठी, प्राकृतिक तकनीक, कारीगरों के लिए लाभदायक
प्रहलाद, जिसका परिवार जयपुर के पास एक छोटे से गांव 'झाग' में तीन से चार प्रिंटिंग टेबल के साथ कपड़े की छपाई का व्यवसाय चलाता था, उन्होने अपनी मदद के लिए गांव की दो महिलाओं को नियुक्त किया। प्रहलाद के कामकाज का विस्तार करने के प्रयास में फैबइंडिया ने क्षमता निर्माण कार्यक्रम, सीडीएलआई के माध्यम से गांव की 11 महिलाओं को प्रशिक्षित करने की पहल की। उन्हे ऐसे नए कौशल सीखने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जिनकी सहायता से वे खुदको सशक्त बना सके। आज प्रहलाद के पास 18 प्रिंटिंग टेबल हैं, जिनमें सात से ग्यारह महिलाएं और पांच पुरुष कारीगर हैं, जो प्रति माह 12,000 से 15,000 मीटर कपड़ा तैयार करते हैं। इस पहल ने समुदाय की अन्य महिलाओं को अपना कौशल बढ़ाने और अपने लिए जीविकोपार्जन के लिए प्रोत्साहित किया। उनके बच्चे भी अपने परिवार के पारंपरिक शिल्प को सीखने और सार्थक आजीविका कमाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। इस तरह फैबइंडिया ने पारंपरिक शिल्प के लिए नए बाजारों की तलाश की, जिसके परिणामस्वरूप आज प्रहलाद जैसे अनेक कारीगर एक अच्छा जीवनयापन करने में सक्षम है।
फैबइंडिया ने इन उत्पादों को 'झाग प्रिंट' का नाम दिया, जो एक अनूठी, प्राकृतिक प्रिंट तकनीक है। परिवारों के भीतर पारंपरिक शिल्प रूपों को बनाए रखते हुए फैबइंडिया समर्थित क्लस्टर डवलपमेंट एंड लाइवलीहुड इनिशिएटिव कार्यक्रम ने पूरे भारत में कई समुदायों को सक्षम और सशक्त बनाया है। फैबइंडिया के लगभग 34 प्रतिशत विक्रेता कंपनी के साथ 10 से अधिक वर्षों से जुड़े हुए हैं और फैबइंडिया के 17 फीसदी विक्रेता एक पीढ़ी से अधिक समय से कंपनी के साथ हैं। फैबइंडिया का कारीगर परिवारों के साथ जुड़े रहने और उनके पालन-पोषण और विकास के प्रबंधक बनने का एक लंबा इतिहास रहा है। कंपनी ने 62 वर्षों से अधिक समय से कारीगर समुदायों के लिए बाजार और सतत आजीविका के अवसर बनान के लिए काम किया है। कंपनी अपने ग्राहकों को परिधान और सहायक वस्तुएं, घर और जीवन शैली से जुड़े प्रोडक्ट, पर्सनल केयर और ऑर्गेनिक फूड जैसी विविध श्रेणियों में लाइफ स्टाइल प्रोडक्ट्स का एक विविध पोर्टफोलियो प्रदान करती है।
Published on:
27 May 2022 04:22 pm
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