
जयपुर। पिछले साल 1 जुलाई 2017 से राजस्थान सहित पूरे देश में GST यानी गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स लागू होने के बाद करीबन देश का हर तबका मंहगाई की मार झेल रहा है। जीएसटी के लागू होने बाद जहां कुछ जरूरी चीजों की कीमतें कम हो गई है वहीं इसके साथ ही कुछ चीजों के दाम बढ़ भी गए है। आपको बता दें कि जीएसटी के बाद रेल सेवाएं महंगी हो गई है, यानी रेल यात्रा करना पहले की तुलना में महंगा हो जाएगा। पहले से ही जीएसटी से मंहगाई की मार झेल रहा आमजन की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली है। अब भारतीय की ओर से ट्रेन में मिलने वाले खाने पीने की चीजों पर जीएसटी लगने वाला है। गौरतलब है कि भारतीय रेलवे या आईआरसीटीसी की ओर से ट्रेन पर मिलने वाले खाने और पीने की चीजों पर पांच प्रतिशत का वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लगाया जाएगा।
इस नियम की जानकारी खुद भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने दी है। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय रेलवे या आईआरसीटीसी यानी इंडियन रेलवे कैटरिंग ऐंड टूरिज्म कॉरपोरेशन द्वारा गाड़ियों, प्लेटफार्म या रेलवे स्टेशन पर आपूर्ति किए जाने वाले भोजन व पेयों पर पांच प्रतिशत वस्तु व सेवा कर लगेगा। वित्त मंत्रालय ने 31 मार्च को इस बारे में रेलवे बोर्ड को पत्र भेजा है ताकि किसी भी तरह के संदेह या अनिश्चितता को दूर किया जा सके। मंत्रालय के इस कदम से गाड़ियों, प्लेटफार्म या रेलवे स्टेशन पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों व पेयों पर लागू जीएसटी दर में समानता आएगी। इससे ये भी स्पष्ट हो गया है कि भारतीय रेलवे या इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आईआरसीटीसी) या इनके लाइसेंसधारक द्वारा ट्रेन व प्लेटफार्म में उपलब्ध करवाए जाने वाले खाने के सामान पर बिना इनपुट टैक्स क्रेडिट के पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा।
इससे पहले रेलवे ने यात्री सुविधाओं पर फोकस करते हुए 'नो बिल, फ्री फूड पॉलिसी' लॉन्च की थी। इस पॉलिसी के तहत खाने का बिल नहीं तो पैसा नहीं। दरअसल रेलवे को कई बार वेंडर की तरफ से यात्रियों को खाने का बिल नहीं देने की शिकायत मिली थी। रेल यात्रियों ने शिकायत की थी कि उनसे खाने का ज्यादा दाम वसूला जाता है और बिल भी नहीं दिया जाता, नया नियम बनने के बाद वेंडर यात्रियों से खाने की ज्यादा कीमत नहीं वसूल पाएंगे। इसी के तहत रेल मंत्री पीयूष गोयल ने गत दिनों ट्रेन और स्टेशन पर खानपान में यात्रियों से अवैध वसूली रोकने के लिए बिल अनिवार्य कर दिया था। इस आदेश के बाद जीएसटी में रेलवे का खेल सामने आ गया। स्टेशन पर खानपान में जहां पांच फीसदी जीएसटी वसूला जा रहा है, वहीं इसी खाने पर ट्रेन में 18 फीसदी टैक्स लिया जा रहा है। फिलहाल यह कहना गलत नहीं होगा कि जीएसटी दर में समानता आने के बाद भारतीय रेल में अब "खाने में खेल" नहीं चलेगा।
Published on:
10 Apr 2018 01:35 pm
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