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आखिर क्यों वन विभाग ने 10 हाथियों को हटाया सवारी से

वन विभाग ने पहले किया था इनकार
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जयपुर

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Jyoti Patel

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Updated: 22 Jun 2018, 11:01 AM IST

jaipur news

आखिर क्यों वन विभाग ने 10 हाथियों को हटाया सवारी से

जयपुर. वन विभाग ने आमेर में टीबी रोग से ग्रसित 10 बीमार हाथियों को सवारी से तुरंत हटाने के आदेश जारी किए हैं। आमेर में पीछे कई महीनों से हाथियों के बीमार होने की खबरें आ रही है, जिसके चलते अनार, शांति, पदमा, मैना, बोनमाला, बिरली, मजनी, राजकली, चंचल और रानी में टीबी के लक्षण पाए जाने की बात कही है। इन हाथियों को अलग से रखकर इनकी जांच कराइ जायेगी, जिसके बाद अधिकारी अब अपने स्तर पर इनकी जांच की रिपोर्ट्स के आधार पर फैसला देंगे।

जांच के लिए सब एकमत

वन विभाग के उप वन संरक्षक, सुुदर्शन शर्मा ने कहा की हम फिर परीक्षण चाहते हैं। टीबी आती है तो इलाज शुरू करेंगे। अभी आमेर में रोटेशन से हटाने के आदेश जारी किए हैं।

हाथी मालिक विकास समिति के अध्यक्ष रशीद खान का कहना है की डॉक्टरों की टीम बैठाकर इनकी फिर से जांच कराएं। हम हाथियों का इलाज कराने के लिए तैयार हैं।

पीटा इंडिया के डायरेक्टर ऑफ पॉलिसी निकुंज शर्मा, ने कहा की बीमार और घायल हाथियों का इस्तेमाल अपराध है। जांच पूरी तरह से विश्वसनीय किट और किसी जानी-मानी वेटरनेरी यूनिवर्सिटी से ही होनी चाहिए।

अमरीका से मंगानी पड़ेगी किट : एडब्ल्यूबीई ने हाथियों की जांच कैम बायो किट की मदद से केरल वेटेनरी यूनिवर्सिटी से कराई थी। अगर राज्य सरकार भी जांच चाहती है तो उसे अमरीका से ही किट मंगानी पड़ेगी क्योंकि पूरी दुनिया में वहीं यह किट उपलब्ध है।

पहली बार सवारी कानून के दायरे में

एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (एडब्ल्यूबीआइ) की हाथियों के टीबी से ग्रसित होने की रिपोर्ट के खुलासे के बाद वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो ने राज्य के चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन को जांच के आदेश दिए हैं। पहली बार ब्यूरो ने आमेर की हाथी सवारी में आए मामले को अपराध की श्रेणी में डाला है। ब्यूरो ने सरकार को जांच के बाद रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।