
Jaipur News : जिन दो खातों से केन्द्रीय सहकारी बैंक (सीसीबी) जालोर के तत्कालीन एमडी के परिवार व अन्य खातों में रकम जमा कराई गई वे संविदाकर्मी जसाराम व प्रवीण के थे। जसाराम सहकारी बैंक से ही सेवानिवृत्त है, जो वर्तमान में संविदा पर कार्यरत था। जालोर की सायंकालीन शाखा में तैनात कम्प्यूटर ऑपरेटर प्रवीण उसी का बेटा है। दोनों तत्कालीन एमडी के नजदीकी हैं। लेनदेन के खुलासे के बाद सीसीबी प्रशासन ने पहले जसाराम को हटाया और सोमवार को उसके बेटे प्रवीण को भी कार्यमुक्त कर दिया है।
एपीओ फिर भी सोसायटियों की निगरानी की दी जिम्मेदारी
संविदाकर्मी के खातों से अपने परिवार व अन्य खातों में करीब चालीस लाख रुपए जमा कराने की जानकारी के बाद संदेह में आए तत्कालीन एमडी केके मीना के प्रभाव के चलते किसी ने प्रसंज्ञान नहीं लिया। स्थिति यह थी कि लगातार शिकायतों के दबाव में केके मीना को वर्ष 2023 में सीसीबी जालोर के एमडी पद से एपीओ कर दिया गया। इसके बाद तत्कालीन सरकार ने उन्हें उप रजिस्ट्रार जयपुर शहर लगाकर राजधानी की सभी गृह निर्माण सहकारी समितियों की निगरानी की जिम्मेदारी दे दी। वर्तमान में वे इसी पद पर कार्यरत हैं।
शिकायतों के बाद भी मेहरबानी
जालोर में एमडी रहने के दौरान केके मीना के खिलाफ पहले भी शिकायतें आई थी। उस समय सरकार की ऐसी मेहरबानी थी कि जालोर में आधा दर्जन से अधिक संस्थाओं की जिम्मेदारी उनके पास थी। चुनाव से कुछ माह पहले मुख्य सचिव ने विभाग में विभिन्न योजनाओं की प्रगति के लिए वीसी ली थी। वीसी में भी केके मीना उपस्थित नहीं हुए थे। मामला उच्चाधिकारियों की जानकारी में आने पर अगले ही दिन उन्हें एपीओ किया गया था।
सीसीबी ने सरकार को दी लेनदेन की जानकारी
राजस्थान पत्रिका में सोमवार के अंक प्रकाशित खबर संविदाकर्मियों से एमडी के परिवार के खातों में जमा हुुए लाखों रुपयों पर सरकार ने सीसीबी जालोर से जानकारी मांगी है। सीसीबी ने लेनदेन की जानकारी विभाग को भेजी है। साथ ही इस मामले की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने के लिए समय मांगा है। हालांकि अभी तक भी इसकी पड़ताल का जिम्मा किसी को नहीं दिया गया है।
Published on:
30 Jan 2024 11:30 am
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