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भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती‘ पर पूर्व राजघरानों की तलवार, विरोध में उतर गया पूरा राजस्थान

राजपूतों, राजनेताओं और सामाजिक संगठनों के बाद अब राजस्थान के कई पूर्व राजघराने भी इस फिल्म के विरोध में खुलकर सामने आ गए हैं...

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जयपुर

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Dinesh Saini

Nov 11, 2017

padmavati

Padmavati

जयपुर। संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती‘ एक दिसंबर को रिलीज होने जा रही है। लेकिन इसका राजस्थान सहित सभी जगहों से लगातार विरोध जारी है। अब तो ऐसा लगता है कि इस फिल्म के राजस्थान में रिलीज होने पर तलवार लटक गई है। राजपूतों, राजनेताओं और सामाजिक संगठनों के बाद अब राजस्थान के कई पूर्व राजघराने भी इस फिल्म के विरोध में खुलकर सामने आ गए हैं। इन पूर्व राजघरानों का कहना है कि संजय लीला भंसाली को इतिहास की समझ नहीं है। भंसाली ने पूरे इतिहास को तोड़-मरोड़ कर फिल्म में दर्शाया है। जो वे कतई सहन नहीं करेंगे।

सिद्धी कुमारी-

बीकाने के पूर्व राजघराने की सदस्या और भाजपा विधायक सिद्धी कुमारी ने फिल्म ‘पद्मावती‘ को लेकर हो रहे विरोध को सही ठहराया है। सिद्धी कुमारी का कहना है कि गलत तथ्यों को पेश करना इतिहास के साथ ना केवल छेड़छाड़ है अपितु उसका अपमान भी है। जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। फिल्म से पूर्व आने वाला केवल एक डिस्क्लेमर सब कुछ सही नहीं कर सकता है।

रणधीर सिंह भिंडर -

राजस्थान के भिंडर के पूर्व राजघराने के सदस्य रणधीर सिंह भिंडर ने फिल्म ‘पद्मावती‘ को लेकर जोरदार विरोध किया है। उनका कहना है कि राजस्थान में ऐसी कमेटी का गठन किया जाए जिसमें इतिहासकार सम्मिलित हों। इतिहास को लेकर बन रही फिल्मों की इस कमेटी के सामने स्क्रीनिंग की जाए। भिंडर इससे पूर्व में भी इस तरह की मांग कर चुके हैं।

अंशिका कुमारी -

करौली के पूर्व राजघराने की सदस्य अंशिका कुमारी ने फिल्म ‘पद्मावती‘ को लेकर विरोध तेज कर दिया है। उनके अनुसार संजय लीला भंसाली बीते दो वर्षा से फिल्म के तथ्य सुधारने के लिए कह रहे हैं। लेकिन फिल्म अब रिलीज को तैयार है और उसमें कुछ भी सुधार नहीं किया गया है। महारानी ‘पद्मावती‘ के इतिहास की जानकारी भंसाली को सही प्रकार से लेनी चाहिए थी।

दीया कुमारी -

जयपुर के पूर्व राजघराने के सदस्यों ने भी फिल्म को बिना दिखाए रिलीज न करने की बात कही हैं। पूर्व राजपरिवार की सदस्य पद्मिनी देवी ने कहा कि जिस तरह से फिल्म का ट्रेलर और गाना दिखाया जा रहा है। उससे समाज को आपत्ति है। यहां शूटिंग के बाद जो फिल्म से जुडे लोगों से बातचीत हुई थी, उसमें यह तय हुआ था कि फिल्म दिखाने के बाद ही इसे रिलीज किया जाएगा। वहीं विधायक दीया कुमारी ने कहा कि पद्मावती देश की सभी महिलाओं का आदर्श हैं। किन परिस्थितियों में आकर उन्होंने जौहर किया था, यह बड़ा विषय है। फिल्म के माध्यम से महिलाओं के सम्मान के साथ खेला जा रहा है। पूर्व राजकुमारी का कहना है कि महारानी पद्मावती और उनका जौहर महिलाओं के शौर्य का प्रतीक है। इसलिए उस तथ्य के साथ छेड़छाड़ सहन नहीं होगी।

महेन्द्र सिंह मेवाड़ -

संजय लीला भंसाली के साथ सेंसर बोर्ड पर भी लगाए आरोप राजस्थान के लगभग सभी पूर्व राजघराने फिल्म ‘पद्मावती‘ के विरोध में हैं उनमें मेवाड़ का पूर्व राजघराना भी शामिल है। मेवाड़ राजघराने के महेन्द्र सिंह मेवाड़ फिल्म पर विरोध को उचित ठहराते हुए कहा कि यदि कोई प्रधानमंत्री मोदी के चरित्र के साथ कुछ भी जोडक़र दिखाएगा तो क्या सेंसर बोर्ड उसे पास कर देगा। उन्होंने संजय लीला भंसाली के साथ सेंसर बोर्ड पर भी आरोप लगाए है।

गज सिंह -

जोधपुर के पूर्व राजघराने के सदस्य गज सिंह भी फिल्म ‘पद्मावती‘ के विरोध का समर्थन कर रहे हैं। उनका कहना है कि ऐतिहासिक नामों का फिल्मकारों को दुरुपयोग नहीं करना चाहिए और अगर इनका उपयोग किया जाए तो उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन ही नहीं होना चाहिए।