
4 मंत्रियों का समूह करेगा 82 हजार हड़ताली कर्मचारियों से वार्ता
जयपुर। राज्य सरकार ने आखिरकार हड़ताल के कारण ठप प्रदेश की परिवहन व्यवस्था, पंचायती राज सिस्टम व जिला प्रशासन कार्यालयों के कामकाज को पटरी पर लाने की मंगलवार रात सुध ले ली। सरकार ने उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत की अध्यक्षता में 4 मंत्रियों का उच्च स्तरीय मंत्री समूह बनाया है, जो 82 हजार हड़ताली कर्मचारियों से वार्ता करेगी।
मंत्रिमंडल सचिवालय के प्रमुख शिखर अग्रवाल ने मंगलवार देर रात इस मंत्री समूह के गठन के आदेश जारी कर दिए। मंत्रिमंडल सचिवालय की ओर से जारी आज्ञा के अनुसार कमेटी में जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप, परिवहन मंत्री युनूस खान व खाद्य मंत्री बाबूलाल वर्मा को शामिल किया गया है। नोडल एजेंसी कार्मिक विभाग को बनाया गया है। कमेटी मुख्य सचिव, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सहित अन्य अधिकारियों से बात कर गतिरोध दूर करने के रास्ते सुझाने पर विचार करेगी और सरकार को सिफारिश करेगी। अब तक हड़ताली कर्मचारियों व राज्य सरकार के बीच वार्ता शुरू नहीं होने से गतिरोध बना हुआ था।
रोजाना 10 लाख यात्री परेशान
रोडवेज के 20 हजार कर्मचारी 16 सितम्बर से हड़ताल पर हैं। इससे 4500 बसों का संचालन रुक गया है। रोडवेज की बसों में प्रतिदिन 10 लाख यात्री सफर करते हैं। इन बसों के बंद होने से लोगों को लोक परिवहन सेवा की बस या अन्य साधनों के जरिए सफर करना पड़ रहा है।
50 हजार मंत्रालयिक कर्मचारी हडताल पर
मंत्रालयिक कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 19 सितम्बर से हडताल पर हैं। विभिन्न स्तर के 50 हजार कर्मचारियों के हड़ताल पर होने के कारण जिला सहित विभिन्न स्तर के कार्यालयों में लोग चक्कर काट रहे हैं। एक कर्मचारी की तबियत बिगडऩे से मौत भी हो चुकी है।
पंचायतीराज कर्मी 12 से हडताल पर
पंचायती राज के विभिन्न स्तर के 12 हजार कर्मचारी 12 सितम्बर से हड़ताल पर हैं। हड़ताल से पंचायती राज संस्थाओं के विभिन्न प्रकार के कामकाज अटक गए थे।
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Published on:
03 Oct 2018 01:55 am
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