
जयपुर। 17 दिसंबर को अपने 4 साल पूरे कर चुकी गहलोत सरकार अपने 4 साल के कार्यकाल के दौरान किए गए विकास के कामों और उपलब्धियों को आमजन तक पहुंचाने में जुटी हुई है। 17 दिसंबर से लेकर 28 दिसंबर तक प्रदेश, जिला, ब्लॉक और ग्रामीण स्तर तक अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
17 दिसंबर को जहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जवाहर कला केंद्र में प्रदेश स्तरीय विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन किया था तो वहीं प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अपने 4 साल के कामकाज का लेखा-जोखा जनता के सामने रखा था। सरकार के तमाम मंत्री भी तीन दिवसीय दौरे पर अपने अपने प्रभार वाले जिलों पर पहुंचें हैं जहां पर जनता से संवाद करके गहलोत सरकार के कामकाज का बखान कर रहे हैं।
विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन और प्रेस कॉन्फ्रेंस
अपने दौरे के दौरान तमाम प्रभारी मंत्री आज अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में सरकार के 4 साल की उपलब्धि और कामकाज को लेकर जिला मुख्यालय पर आयोजित विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे और उसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करके गहलोत सरकार के कामकाज का लेखा-जोखा भी जनता के सामने रखेंगे।
गहलोत सरकार ने 4 साल में कौन-कौन से बड़ी योजनाएं लागू की हैं और अपने जन घोषणापत्र के कितने वादे पूरे किए हैं, कितने वादे अभी भी शेष हैं। आज राजधानी जयपुर में प्रभारी मंत्री शांति धारीवाल दोपहर 3 प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सरकार के 4 साल के कामकाज का लेखा-जोखा रखेंगे। साथ ही स्वायत्त शासन विभाग की ओर से 4 साल में क्या-क्या कार्य किए गए हैं उनका भी लेखा-जोखा प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा 28 दिसंबर तक निकाय और पंचायत स्तर पर भी पंचायत और निकाय प्रतिनिधि ग्रामीणों से संवाद करेंगे और सरकार के कामकाज का बखान करेंगे।
80 फ़ीसदी से ज्यादा वादे पूरे करने का दावा
वहीं अपने 4 साल के शासन के दौरान 17 दिसंबर को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने जन घोषणापत्र के 80 फीसद से ज्यादा वादे पूरे करने का दावा किया था। साथ ही कई बड़ी योजनाएं भी प्रदेश में लागू की जिनमें ओल्ड पेंशन स्कीम, चिरंजीवी योजना, इंदिरा रसोई योजना, वृद्धावस्था पेंशन, निःशुल्क जांच योजना जैसी योजनाओं का लाभ सीधे जनता को मिलने का दावा किया था।
4 में से 2 साल कोरोना काल में बीते
वहीं दिलचस्प बात तो यह है कि गहलोत सरकार के 4 साल के शासन में से 2 साल कोरोना काल में गुजरे हैं, जहां पर कोरोना काल के चलते सरकार की कई योजनाएं प्रभावित हुई थीं तो वहीं जन घोषणा पत्र के प्रमुख वादे भी पूरे नहीं हो पाए थे। खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मुख्यमंत्री आवास तक ही सीमित हो गए थे और सीएम आवास में ही सीएम गहलोत ने कोरोना काल में 500 से ज्यादा बैठकें ली थी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी कई बार इस बात को कह चुके हैं कि कोरोना काल के चलते सरकार के कई प्रमुख योजनाएं और फ्लैगशिप स्कीम प्रभावित हुई थीं।
वीडियो देखेंः- Gehlot सरकार के चार साल, कितने बेमिसाल..?
Published on:
24 Dec 2022 11:45 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
