जिले के जायल कस्बे में रीट-2015 में आने वाले प्रश्न-पत्र एवं उनके उत्तर उपलब्ध करवाने के नाम पर 3 अभ्यर्थियों से साढ़े 7 लाख रुपए ठगने के आरोप में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जायल पुलिस उपाधीक्षक ताराराम बैरवा ने रविवार देर रात बताया कि रीट की परीक्षा समाप्त होने के बाद पुलिस थाना जायल में ठगी का मामला दर्ज हुआ।
यह है आरोप
जायल पुलिस थाने में थांवला थाना क्षेत्र के शाहपुरा निवासी श्रवणराम पुत्र अमराराम जाट ने रिपोर्ट देकर बताया कि 10-15 दिन पहले उसके पड़ोसी गांव कोड निवासी मुकेश पूनिया पुत्र पूनाराम जाट ने रीट प्रश्न-पत्र की उत्तर पुस्तिका उपलब्ध करवाने की बात कही।
उसने अपने साथी अजयप्रकाश पुत्र हजारीराम जाट व रामस्वरूप पुत्र तेजाराम जाट निवासी कोड के साथ मिलकर साढ़े 7 लाख रुपए (प्रत्येक से ढाई-ढाई लाख) में सौदा तय कर लिया। इसके बाद उन्होंने 6 फरवरी को तरनाऊ बस स्टैण्ड के पास बोलेरो में पहुंचे मुकेश व चालक शिवराम को साढ़े सात लाख रुपए दे दिए। रुपए लेने के बाद आरोपियों ने रविवार सुबह प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध करवाने का वादा किया।
सुबह महेन्द्रा एसयूवी हरियाणा नम्बर की गाड़ी में आए एक महिला सहित दो जनों ने उत्तर उपलब्ध करवा दिए। सफेद पेपर में लिखे उत्तर को याद कर तीनों अलग-अलग नागौर व लाडनूं स्थित परीक्षा केन्द्रों के लिए रवाना हो गए। परीक्षा के दौरान प्रश्न-पत्र देखा तो एक भी प्रश्न नहीं मिलने पर उन्हें ठगी का एहसास हुआ। तीनों ने एक-दूसरे से सलाह मशविरा कर जायल थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई।
इन्हें किया गिरफ्तार
सीआई मनोज माचरा ने नागौर-जयपुर हाईवे के पास मुकेश पूनिया व चालक शिवराम को गिरफ्तार कर बोलेरो गाड़ी, तीन मोबाइल व 7 लाख 20 हजार रुपए बरामद कर लिए। इंस्पेक्टर वेदपाल शिवरान की टीम ने डीडवाना रोड पर महेन्द्रा एसयूवी 500 गाड़ी में कर्णसिंह पुत्र दयाराम निवासी बलाहखुर्द थाना नारनोल जिला महेन्द्रगढ़ (हरियाणा), वेदप्रकाश उर्फ भादर पुत्र घीसाराम निवासी बलाहखुर्द थाना नारनोल एवं सीकर हाल जयपुर निवासी महिला संतोष को गिरफ्तार कर गाड़ी, तीन मोबाइल सेट व 30 हजार रुपए बरामद किए।
दिनभर चला घटनाक्रम
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने शनिवार देर रात ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तीनों परीक्षार्थियों को पुलिस अपनी कस्टडी में परीक्षा दिलाने ले गई। रीट का प्रश्न-पत्र आरोपियों की ओर से उपलब्ध करवाई गई उत्तर पुस्तिका से नहीं मिलने पर नई कहानी गढ़ी गई।
घटना की जानकारी लेने के लिए दिनभर मीडियाकर्मी पुलिस अधिकारियों से जानकारी मांगते रहे, लेकिन वे इनकार करते रहे। देर शाम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरके कस्वां ने थाने पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद करीब साढ़े 8 बजे पुलिस उपाधीक्षक ताराराम बैरवा ने घटना की जानकारी दी।
