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ऑनलाइन बुक कराए सूट की जगह निकला दूसरा सूट

जिला उपभोक्ता मंच द्वितीय ने महिलाओं के रेडिमेड गारमेंट्स का ऑनलाइन व्यवसाय करने वाली कंपनी पर अनुचित व्यापार-व्यवहार के मामले में जुर्माना लगाया है।

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avanish kr upadhyay

Nov 29, 2015

जिला उपभोक्ता मंच द्वितीय ने महिलाओं के रेडिमेड गारमेंट्स का ऑनलाइन व्यवसाय करने वाली कंपनी पर अनुचित व्यापार-व्यवहार के मामले में जुर्माना लगाया है। मंच ने कार्यालयी दिवस में हुई सुनवाई के दौरान अप्रार्थी कंपनी संचालक पर सेवा में कमी मानते हुए जुर्माना लगाया है।

यह है मामला
रातानाड़ा यूथ हॉस्टल के सामने माही ट्यूटोरियल निवासी मनीषा गहलोत पत्नी महेन्द्र गहलोत ने ऑनलाइन कंपनी क्राफ्ट्सविला डॉट कॉम के जरिए डिजाइनर रेड होट लांग अनारकली सूट ऑनलाइन मंगवाया। जिसका डिमाण्ड कोड एसएस 1095-1454 का 1482 रुपए में बुक करवाया।

इस पर उक्त ऑनलाइन कंपनी के संचालक ने मनीषा द्वारा बुक कराए सूट की जगह दूसरा साधारण सूट भेज दिया, जो ऊपर से पीला व नीचे से हरा निकला। बुक कराए सूट की जगह दूसरा सूट मिलने पर मनीषा ने कंपनी संचालक को फोन किया।

बाद में 21 अक्टूबर 2014 को ईमेल से प्राप्त सूट को कुरियर से भेजने और सूट की कीमत वापस भेजने और कीमत लौटाने का आग्रह किया। लेकिन उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बाद में 300 रुपए कुरियर के देकर सूट अप्रार्थी को भेज भी दिया। उसके बाद भी उसे सूट की कीमत 1482 रूपए नहीं लौटाए।

मंच में लगाई गुहार
अप्रार्थी की ओर से बार-बार निवेदन करने पर अधिवक्ता कैलाशचंद्र पंचारिया के माध्यम से परिवाद पेश किया गया। अधिवक्ता पंचारिया ने मंच के समक्ष मंगाए गए सूट और प्राप्त सूट की फोटोग्राफ्स पेश किए, जिसमें भिन्नता थी।

उन्होंने बताया कि अप्रार्थी कंपनी संचालक सूरत के कुबेरजी टेक्सटाइल पार्क निवासी मकरानी निकुंज ने मंगवाए गए सूट की आपूर्ति नहीं कर दूसरे साधारण सूट की आपूर्ति कर अनुचित व्यापार-व्यवहार किया है। उन्होंने मंच से सूट की कीमत, कुरियर की कीमत तथा मानसिक संताप व परिवाद व्यय की मांग की।

सुनवाई के बाद एकपक्षीय कार्यवाही करते हुए मंच के अध्यक्ष टीएच सम्मा, सदस्य सुनिता कच्छवाहा व शेख कमरूद्दीन ने संबंधित कंपनी संचालक को दो माह के भीतर उक्त सूट की कीमत 1482 रुपए, कुरियर राशि 300 रुपए परिवाद पेश करने की तिथि से ताअदायगी 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से तथा मानसिक संताप 3 हजार तथा परिवाद व्यय 2 हजार सहित कुल 5 हजार रुपए लौटाने के आदेश दिए।