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फर्जी फर्मों ने की करोड़ों की ठगी, प्रदेश के व्यापारी सकते में… जीएसटी अभियान से राहत की उम्मीद

प्रदेश में बोगस फर्म बनाकर धोखाधड़ी के मामले दिनों दिन बढ़ते ही जा रहे है। इससे प्रदेश का पूरा व्यापारी वर्ग सकते में है।

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फर्जी फर्मों ने की करोड़ों की ठगी, प्रदेश के व्यापारी सकते में... जीएसटी विभाग से राहत की उम्मीद

फर्जी फर्मों ने की करोड़ों की ठगी, प्रदेश के व्यापारी सकते में... जीएसटी विभाग से राहत की उम्मीद

प्रदेश में बोगस फर्म बनाकर धोखाधड़ी के मामले दिनों दिन बढ़ते ही जा रहे है। इससे प्रदेश का पूरा व्यापारी वर्ग सकते में है। इन बढ़ते मामलों के बीच जीएसटी विभाग के जांच अभियान से व्यापारियों ने राहत की उम्मीद जागी है। व्यापारियों के मुताबिक कुछ फर्जी कंपनियां जीएसटी में पंजीकृत कराए बिना ही फर्जी नाम-पते की फर्में बनाकर व्यापारियों के साथ लगातार धोखाधड़ी कर रही है। ऐसे में जीएसटी विभाग के जांच अभियान से ऐसी फर्मों पर लगाम लगेगी। विभाग की ओर से यह अभियान 15 जुलाई तक चलाया जाएगा। इस दौरान जिन बोगस फर्मों की जानकारी सरकार के पास है उनकी पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

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फर्जी फर्म बनाकर एक हजार करोड़ की ठगी

फोर्टी के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल का कहना है कि प्रदेश में अब तक फर्जी फर्म बनाकर व्यापारियों से एक हजार करोड़ रुपए से भी ज्यादा ठगी हो चुकी हैं। इस बारे में व्यापारिक संगठनों ने पुलिस से शिकायत करने के साथ सरकार से फर्जी फर्मों पर कार्रवाई करने की मांग की थी। बोगस फर्मों ने डिस्ट्रीब्यूटर और मैन्यूफैक्चरर्स से माल उठाकर करोड़ की ठगी को अंजाम देते है। इस धोखाधड़ी से परेशान कई व्यापारी आत्महत्या भी कर चुके हैं। उधर, जीएसटी विभाग ने बोगस फर्मों की जांच का काम शुरू कर दिया है। दस्तावेज और डेटा विश्लेषण के आधार पर ऐसी फर्मों की पहचान कार्रवाई जाएगी। अभियान के दौरान आम व्यापारी को परेशानी होने पर विभागीय नोडल अधिकारी से शिकायत की जा सकती है। राजस्‍थान चैम्‍बर के सचिव जगदीश सोमानी का कहना है कि बोगस फर्मों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार से व्यापारिक संगठनों ने मांग की थी, लेकिन अभियान को लेकर सोशल मीडिया में अफवाहों से व्यापारियों में भय का माहौल बन गया था, ऐसे में वाणिज्यिक कर विभाग की ओर से अभियान को लेकर स्पष्टीकरण जारी करने से व्यापारियों की आशंका दूर हो गई।