हरमाड़ा थाना पुलिस ने फर्जी इलेक्ट्रिक स्कूटर की डीलरशिप देने के नाम पर लोगों के साथ करोड़ों रुपए की ठगी के मामले में दो बदमाशों को गिरफ्तार किया हैं। बदमाशों ने इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती हुई डिमांड को देखकर इसका प्लान तैयार किया था। ठगी की इस वारदात का मुख्य सरगना रामनिवास जाट उर्फ जेपी अग्रवाल और मैनेजर अंशुल द्विवेदी पूर्व में गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस का मानना है कि बदमाशों से और भी खुलासे हो सकते हैं।
डीसीपी (पश्चिम) वंदिता राणा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अनिल सोनी उर्फ नीलू उर्फ अशोक जैन और दीपक उर्फ अजीत सिंह सिरसा हरियाणा का रहने वाला हैं। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने ट्रिपल पॉवर स्कूटर इंडिया कम्पनी की डीलरशिप देने के लिए विज्ञापन दिया। लोगों ने लुभावने विज्ञापन देखकर कंपनी के दिए गए नम्बरों पर सम्पर्क किया। कंपनी के स्कूटर निर्माण की फैक्ट्री विशाखापटनम में बताकर हैड ऑफिस जयपुर में बताकर डीलरशिप देने के नाम पर प्रत्येक डीलर से पांच लाख रुपए की राशि तथा उसके बाद लोगों को स्कूटर उपलब्ध करवाने की बातहककर लोगों के रुपए हड़पकर करीब एक करोड़ 21 लाख 53 हजार रुपयों की ठगी कर फरार हो गए थे। बदमाशों ने फर्जी सिमकार्ड और फर्जी लोगों के खातों का इस्तेमाल कर लोगों के साथ धोखाधड़ी कर लोगों के रुपए लेकर फरार हो गए। वारदात के दौरान बदमाशों ने अपनी पहचान का कोई सबूत नहीं छोड़ा। पुलिस ने दिन रात मशक्कत कर मास्टर माइंड अनिल सोनी उर्फ अशोक जैन और दीपक उर्फ अजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया।