
प्रतीकात्मक तस्वीर, मेटा एआइ
Child marriage in Rajasthan: जयपुर। बाल विवाह पर रोकथाम के अथक प्रयासों के बाद भी लोगों की 'जिद' नहीं थम रही है। अभी भी लोग अपने कम उम्र के बेटा-बेटी को परणा रहे है। साल-दर-साल बाल विवाह के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। पिछले साल सिर्फ 9 माह में प्रशासन ने 866 बाल विवाह रुकवाए। इसके अलावा भी कई बालक- बालिकाएं कम उम्र में एक-दूसरे का हाथ थाम रहे है, जिसकी सूचना प्रशासन तक पहुंच ही नहीं रही है।
कम उम्र में बेटा-बेटी परणाने की जिद अब भी समाज की बड़ी चुनौती बनी हुई है। पिछले साल जनवरी से सितंबर तक बाल विवाह के 1053 मामले प्रशासन के सामने आए, जिसमें 866 मामले सही पाए गए। समय पर मौके पर पहुंच कुछ बाल विवाह प्रशासन ने समझाइश से रुकवाए। हालांकि हर जगह समझाइश काम नहीं आई। करीब 200 मामलों में परिजन नहीं माने तो प्रशासन को कानूनी कार्रवाई करनी पड़ी। वहीं 187 मामलों की जानकारी झूठी निकली।
वर्ष 2024 की बात करें तो प्रदेश में जनवरी से दिसंबर तक बाल विवाह के 1042 मामले सामने आए, जिसमें बाल अधिकारिता विभाग ने 819 बाल विवाह रुकवाए। इस साल भी 612 बाल विवाह प्रशासन ने समझाइश से रोके, जबकि 207 मामलों में प्रशासन की समझाइश और बात भी लोगों ने नहीं मानी, इस पर प्रशासन ने संबंधित थाने में एफआइआर दर्ज कराई व कानूनी मदद की सहायता से बाल विवाह रुकवाए। हालांकि 240 सूचनाएं गलत पाई गई।
| जिला | बाल विवाह के मामले | समझाइश से रुकवाए | कानूनी मदद ली |
|---|---|---|---|
| बालोतरा | 157 | 155 | 2 |
| भीलवाड़ा | 53 | 39 | 14 |
| बूंदी | 46 | 10 | 36 |
| बाड़मेर | 45 | 45 | 0 |
| जोधपुर | 45 | 45 | 0 |
| बांसवाड़ा | 44 | 44 | 0 |
| उदयपुर | 41 | 0 | 41 |
| चित्तौड़गढ़ | 30 | 30 | 0 |
| राजसमंद | 29 | 29 | 0 |
| श्रीगंगानगर | 23 | 23 | 0 |
| हनुमानगढ़ | 22 | 16 | 6 |
| झालावाड़ | 22 | 6 | 16 |
| करौली | 22 | 3 | 19 |
| चूरू | 20 | 20 | 0 |
| दौसा | 20 | 14 | 6 |
| अलवर | 19 | 1 | 18 |
| अजमेर | 17 | 17 | 0 |
| बारां | 16 | 11 | 5 |
| भरतपुर | 15 | 15 | 0 |
जानकारों के अनुसार अक्षय तृतीया, पीपल पूर्णिमा जैसे अबूझ सावों में बाल विवाह अधिक होते है। ग्रामीण इलाकों के साथ शहरी बस्तियों में भी बाल विवाह होते है।
केन्द्र सरकार ने वर्ष 2024 से बाल विवाह मुक्त भारत अभियान चला रखा है, लेकिन प्रदेश में उसका असर नहीं दिखाई दे रहा है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी बाल विवाह हो रहे हैं। जयपुर जिले में भी बाल विवाह के मामले सामने आए है। प्रशासन को 25 बाल विवाह की सूचना मिली, हालांकि इनमें 13 मामले झूठे निकले। 12 बाल विवाह सही पाए गए, जिनमें से 3 बाल विवाह समझाइश से रुकवाए, बाकि 9 मामलों में प्रशासन की सहायता ली गई।
Published on:
10 Jan 2026 07:04 am
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