
Holashtak 2023: होलाष्टक का आगाज 27 फरवरी से होगा। इस दिन से सभी प्रकार के मांगलिक एवं विवाह कार्यक्रम निषेध हो जाएंगे। शहनाइयों की गूंज एक बार थम जाएगी। विवाह, यज्ञोपवीत, नूतन गृह प्रवेश, प्रतिष्ठानों का शुभारंभ सहित सभी प्रकार के मांगलिक कार्य इस अवधि में नहीं होंगे।
ज्योतिषाचार्य पंडित राजेन्द्र किराडू के अनुसार होलाष्टक 27 फरवरी से 7 मार्च तक रहेंगे। 14 मार्च से 14 अप्रेल तक मीन संक्रांति मलमास रहेगा। 30 मार्च से 30 अप्रेल तक गुरु अस्त रहेगा। 27 फरवरी से 30 अप्रेल तक विवाह, यज्ञोपवीत, नूतन गृह प्रवेश सहित सभी प्रकार के मांगलिक कार्यक्रम निषेध रहेंगे।
पंडित किराडू के अनुसार, मई एवं जून में विवाह, यज्ञोपवीत, नूतन गृह प्रवेश सहित सभी प्रकार के मांगलिक एवं शुभ कार्य शुरू होंगे। 3,10,11,20,21,29 और 30 मई को श्रेष्ठ मुहूर्त में विवाह कार्यक्रम होंगे। इसी प्रकार जून में 5,6,7,11,12,22 एवं 23 जून को शहनाइयां गूंजेंगी।
29 जून से चातुर्मास प्रारंभ
चातुर्मास 29 जून को देवशयनी एकादशी से प्रारंभ होगा। चातुर्मास के दौरान विवाह कार्यक्रम नहीं होंगे। पंडित किराडू के अनुसार इस बार चातुर्मास पांच महीनों का होगा। चातुर्मास की पूर्णाहुति 23 नवंबर को देव प्रबोधनी एकादशी के दिन होगी। अबूझ मुहूर्त पर बड़ी संख्या में शहनाइयां गूंजेंगी। चातुर्मास में इस बार अधिक मास सावन है
Published on:
23 Feb 2023 11:53 am
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