22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

200 घंटे, 300 बैठकें और 15 मसौदों के बाद तैयार हुआ जी-20 घोषणा पत्र

जी-20 : सर्वस्वीकार्य घोषणा पत्र बनने के पीछे की कहानी-37 पेज के घोषणा पत्र में 83 पैराग्राफ हैं (New Delhi Declaration adopted at G20)इसमें 9 बार आतंकवाद, 4 बार यूक्रेन युद्ध का जिक्र किया गया है

2 min read
Google source verification
200 घंटे, 300 बैठकें और 15 मसौदों के बाद तैयार हुआ जी-20 घोषणा पत्र

G20 summit 2023

नई दिल्ली. जी-20 के सफल आयोजन में घोषणा पत्र पर पहले ही दिन 100 फीसदी सहमति महत्वपूर्ण है। इस पर न तो रूस-यूक्रेन विवाद का साया दिखा और न चीन की पैंतरेबाजी काम आई। ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ की सफलता के पीछे इसे तैयार करने वाली भारतीय राजनयिकों की टीम की बड़ी भूमिका है। जी-20 शेरपा अमिताभ कांत ने बताया कि घोषणापत्र को सर्वस्वीकार्य बनाने के लिए टीम को 200 घंटे से ज्यादा समय लगा। 300 द्विपक्षीय बैठकें और 15 मसौदों के बार यह तैयार हुआ। कांत ने बताया, संपूर्ण जी-20 घोषणापत्र का सबसे जटिल हिस्सा भू राजनीतिक पैरा (रूस-यूक्रेन युद्ध) पर आम सहमति बनाना था। अनुभवी राजनयिक संयुक्त सचिव एनम गंभीर, के. नागराज, आशीष सिन्हा और अभय ठाकुर ने इसे तैयार किया।
नीति आयोग के प्रमुख रह चुके 1980 बैच के आइएएस अधिकारी अमिताभ कांत ने कहा, जी-20 घोषणा पत्र का भू-राजनीतिक पैराग्राफ दुनिया में लोगों की शांति और समृद्धि का आह्वान करता है। शुक्रवार को घोषणा पत्र पर सहमति बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे बनाने में सहयोग करने वाली टीम की प्रशंसा की थी।

इनके प्रयासों से बना घोषणापत्र

अभय ठाकुर
जी-20 के साउथ शेरपा अभय ठाकुर अमिताभ कांत के बाद ग्रुप में दूसरे वरिष्ठ सदस्य हैं। विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव अभय ठाकुर 1992 बैच के आइएफएस अधिकारी है। वे नाइजीरिया, कैमरून, चाड आदि देशों में राजदूत रह चुके हैं।

नागराज नायडू काकानूर
विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव नागराज विदेश सेवा के 1998 बैच के अधिकारी हैं। आर्थिक कूटनीति के विशेषज्ञ माने जाते हैं। चीनी भाषा में पारंगत हैं और चार बार चीन में भारतीय मिशन में सेवाएं दे चुके हैं।

आशीष सिन्हा
सिन्हा विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव हैं। वह 2005 बैच के विदेश सेवा के अधिकारी हैं। सिन्हा राजनयिक के रूप में अमरीका में भारतीय मिशन के लिए कार्य कर चुके हैं। जलवायु से जुड़े मामलों में उनकी समझ कमाल की है।

एनम गंभीर
एनम विदेश मंत्रालय में बतौर संयुक्त सचिव जी-20 का कामकाज देख रही हैं। वे यूएन में शंाति और सुरक्षा सलाहकार रह चुकी हैं। वे लैटिन अमरीकी देशों मैक्सिको, अर्जेंटीना में भारतीय दूतावास में सेवाएं दे चुकी हैं।