
जयपुर।
राजस्थान में चुनावी वर्ष के दौरान राजनीति गरमाती जा रही है। नौबत नेताओं की बयानबाज़ी में व्यक्तिगत छींटाकशी तक आने लगी है। विवादित बयान देकर नेता सुर्खियां तो बटोर रहे हैं, लेकिन इस प्रतिस्पर्धा में राजनीति का स्तर गिरने लगा है। इन सब के बीच एक केंद्रीय मंत्री और एक राज्य के मुख्यमंत्री के बीच बयानबाज़ी चरम पर पहुंची हुई है।
वार पर पलटवार, सीएम का आया जवाब
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री के मुख्यमंत्री को 'राजनीति का रावण' कहे जाने के विवादित बयान पर अब सीएम अशोक गहलोत का जवाबी बयान भी आया है। एक कार्यक्रम में पहुंचे सीएम गहलोत ने मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री के विवादित बयान पर पूछे सवाल पर चुटकी ली और जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'मुझे कोई ऐतराज़ नहीं है कि वो क्या बोलते हैं। मुझे तकलीफ इस बात की है कि करीब ढाई लाख लोग, जो बेचारे बर्बाद हो गए, किसी का 25 लाख किसी का 50 लाख किसी का 1 करोड़ रूपए गए, उनके पैसों का क्या होगा? उसका हिसाब वो दें।'
सीएम गहलोत ने आगे कहा, 'उन्हें (गजेन्द्र सिंह शेखावत) ज़मानत करवानी पड़ी हाईकोर्ट से क्योंकि वो मुल्ज़िम हैं इस मामले में, जबकि नाटक किया गया कि मैं मुल्ज़िम हूँ ही नहीं। फिर खुद झूठे साबित हुए, क्यों गए हाईकोर्ट के अंदर? क्यूँ सीबीआई की मांग कर रहे हैं वो? क्योंकि इतना बड़ा कांड है ये। इथोपिया में, ऑस्ट्रेलिया में छुपते रहते हैं ये, बड़े-बड़े फ़ार्म हाउस बना लिए हैं। संजीवनी और कई कंपनियां बनाई हैं। मैं तो उन्हें राम कह दूंगा, जब वो संजीवनी मामले के पीड़ितों को पैसे लौटा दें।'
ओएसडी बोले, 'ये राजस्थान के लोगों का अपमान'
केंद्रीय मंत्री के मुख्यमंत्री पर विवादित टिप्पणी मामले में मुख्यमंत्री के ओएसडी लोकेश शर्मा ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। एक ट्वीट प्रतिक्रिया में लोकेश शर्मा ने लिखा, 'गजेंद्र सिंह शेखावत जी का ये बयान बेहद निंदनीय है। इस तरह के बयान देकर केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री जी का नहीं बल्कि राजस्थान के उन तमाम लोगों का अपमान कर रहे हैं जो अपने सीएम को असीम प्यार और सम्मान देते हैं।'
ओएसडी शर्मा ने आगे लिखा, 'मुख्यमंत्री जिस तरह से लगातार प्रदेश को विकास की बुलंदियों पर ले जा रहे हैं, कमरतोड़ महंगाई से राहत दे रहे हैं वो भाजपा से सहन नहीं हो रहा है। फ्रस्ट्रेशन साफ दिख रही है।'
ये कहा था शेखावत ने
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भाजपा के जनाक्रोश अभियान के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को 'राजनीति का रावण' कह डाला। उन्होंने कहा कि साढ़े चार साल से गहलोत सरकार जनता को लूट रही है, धोखा दे रही है। जनता 'राजनीति के रावण' अशोक गहलोत को हटाने का संकल्प ले।
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा कि जल जीवन मिशन के लिए केंद्र सरकार ने करीब 40 करोड़ राज्य सरकार को दिए, लेकिन राजस्थान में मुश्किल से छह से सात हजार करोड़ रुपए खर्च हुए। मौजूदा राज्य सरकार पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की योजनाओं का नाम बदलकर जनता को गुमराह कर रही है। महंगाई राहत शिविरों के नाम पर केवल गरीबों एव किसानों को परेशान किया जा रहा है। जब सबकुछ ऑनलाइन है तो फिर शिविरों में बुलाकर रजिस्ट्रेशन की क्या जरूरत है। उज्ज्वला योजना के नाम पर 500 रुपए में गैस सिलेंडर देने की योजना आमजन के साथ छलावा है।
शेखावत ने आगे कहा कि राजस्थान की अत्याचारी एवं भ्रष्ट सरकार को बदलने के लिए एकजुट होना होगा। सभा के बाद कार्यकर्ता रैली के रूप में नारे लगाते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। जिला कलक्टर अरविन्द पोसवाल ने कलक्ट्रेट गेट पर आकर जिलाध्यक्ष गौतम दक एवं विधायक चन्द्रभान सिंह से ज्ञापन लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं को हटाने के लिए पुलिस को एक बार लाठियां भी भांजनी पड़ी।
व्यक्तिगत बयानबाज़ी, राजनीति का घटता स्तर
राजस्थान में विधानसभा की चुनावी राजनीति अभी सिरे भी नहीं चढ़ी है कि नेताओं के राजनीतिक दुश्मनी सिर चढ़कर बोल रही है। जुबान तल्ख हो गई है और व्यवहार रूखा होता दिखाई दे रहा है। राजनीति में विधानसभा चुनाव का रूख तो जनता तय करेगी लेकिन तल्खी और राजनीतिक तेवर कहीं ने कहीं वैचारिक खाई को चौड़ा कर रहे हैं। राजस्थान की चुनावी राजनीति में अब राजनीतिक हमला सरकार की नीतियों पर न होकर अब व्यक्तिगत होता दिखाई दे रहा है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत की मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता तो जगजाहिर है लेकिन गुरुवार को यह बेहदत व्यक्तिगत होते दिखाई दे रही है।
Published on:
28 Apr 2023 12:50 pm
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