
मुख्यमंत्री या तो माफी मांगेंगे या अपने नेता की तरह डिसक्वालीफाई हो जाएंगे-शेखावत
जयपुर। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तीखा हमला बोला हैं उन्होंने कहा कि मानहानि केस में अब न्यायालय में जाकर मुख्यमंत्री को अपना पक्ष प्रस्तुत करना पड़ेगा। पक्ष प्रस्तुत करने के बाद में जब ट्रायल होगी और ट्रायल के बाद दो ही रास्ते बचे हैं या तो सार्वजनिक माफी मांगेंगे या अपने नेता की तरह सजायाफ्ता होकर डिसक्वालीफाई हो जाएंगे।
मोदी की सभा के बाद शेखावत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मुझे व्यक्तिगत रूप से बदनाम करने का षड्यंत्र, प्रयास और दुष्प्रयास मुख्यमंत्री ने अनेक बार, अनेक जगहों पर किया है। मेरी मीडिया ट्रायल करने की कोशिश की गई। मुझे घसीटा तो घसीटा, मेरी दिवंगत मां का नाम लेकर, मेरे बूढ़़े पिता का नाम लेकर जिस तरह के लांछन और आरोप उन्होंने लगाए। सरकार के करोड़ों रुपए की फीस देकर हॉयर किए हुए बड़े-बड़े नामी वकीलों को हाईकोर्ट में खड़े होकर यह कहना पड़ा कि न तो किसी एफआईआर में मेरा नाम है, न ही किसी चार्जशीट में मुझे अभियुक्त बनाया गया है।
मैं उनके स्तर पर जाकर राजनीति नहीं करना चाहता
शेखावत ने कहा कि मैं शायद उनके स्तर पर जाकर राजनीति नहीं करना चाहता, क्योंकि मैं जानता था कि जो अपनी पार्टी के पीसीसी चीफ और डिप्टी चीफ मिनिस्टर को नाकारा-निकम्मा कह सकता है, उसके लिए इस तरह के शब्दों का प्रयोग कर सकता है, मैं जिसने उनके बेटे को हराया, शायद उसके लिए तो वह कुछ भी कहें, लेकिन जब मेरी मां के ऊपर उन्होंने जिस तरह के शब्दों का प्रयोग किया। मैंने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में मानहानि का केस दायर किया।
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एसीबी ने मुझे चिट्ठी नहीं लिखी
फोन टैपिंग के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्ष 2020 से आज तक राजस्थान के एंटी करप्शन ब्यूरो ने मुझे वॉइस सैंपल देने के लिए चिट्ठी तक नहीं लिखी। उसमें एक भंवरलाल शर्मा की आवाज थी, जो दिवंगत हैं, उनके साथ तीन-चार दिन बाद मुख्यमंत्री कॉफी पीते दिखे। दूसरी आवाज में जिनका नाम लिया, वो मंत्री हैं और उनके साथ मुख्यमंत्री कैबिनेट में बैठते हैं। पहले उनका वॉइस सैंपल लेना चाहिए।
Published on:
08 Jul 2023 09:39 pm
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