
जयपुर। भाजपा की पहली सूची में कुछ मंत्रियों और विधायकों के नाम नहीं आने के बाद अब पार्टी में बगावत के सुर तेज हो गए हैं। मंत्री सुरेन्द्र गोयल के इस्तीफे के बाद नागौर विधायक हबीबुर्रहमान और बाड़मेर यूआइटी चैयरमेन प्रियंका चौधरी ने पद से त्याग पत्र दे दिया।
वहीं, अब तक टिकट नहीं मिलने से नाराज कुछ मंत्री और विधायक समर्थकों के साथ दोपहर को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मिलने उनके आवास पर पहुंचे गए। वहां सभी ने समर्थकों के दम पर टिकट दिलाने का दबाव बनाने की कोशिश की।
इस सबके बीच भाजपा के बड़े नेताओं का कहना है कि पार्टी में कोई बगावत नहीं है। प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक और केंद्रीय कृषि कल्याण राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि पहली सूची में जो 131 नाम घोषित किए गए हैं, वे सभी व्यापक सर्वे और रायशुमारी के बाद तय किए गए हैं और यही नाम भाजपा की सरकार बनाने के लिए काफी हैं। शेखावत ने दावा किया कि भाजपा की पहली सूची में शामिल 131 नामों के आधार पर ही भाजपा आने वाले विधानसभा चुनाव में अपनी सरकार बनाने में सक्षम साबित होगी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी का कहना है कि पार्टी अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक में कोई फर्क नहीं समझती। भारतीय जनता पार्टी ने उनको ही टिकट दिया है, जो जनता के बीच रहे हैं। पार्टी में कोई बगावत नहीं है। राज्यसभा सदस्य ओमप्रकाश माथुर ने कहा कि भाजपा में टिकट वितरण सही तरीके से हुआ है। 131 में से महज एक-दो जगह ही विरोध हुआ है। कार्यकर्ताओं में पूरा उत्साह है।
Published on:
14 Nov 2018 12:34 pm
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