-बिजली कंपनियों में मनचाही पोस्टिंग दिलाने का खेल, सरगना कौन
भवनेश गुप्ता
जयपुर। बिजली कंपनियों में इस बार बंपर ट्रांसफर हुए। ढाई हजार से ज्यादा तबादलों में पहली बार राजनीतिक दखल भी काफी रहा, जबकि अब तक प्रशासनिक अफसर ही हावी रहते रहे हैं। इस दौरान कई अभियंताओं के तो कुछ ही दिन में दो-बार तबादला किया गया। 500 से ज्यादा ट्रांसफर तो प्रसारण निगम में ही किए गए।इस बीच निगम पर दबाव पड़ा तो बुधवार शाम को विभागीय जांच के लिए कमेटी गठित कर दी और तीनों अभियन्ताओं को निलंबित कर दिया। जांच इसलिए भी जरूर है कि ट्रांसफर-पोस्टिंग ऊर्जा मंत्री, सचिव और सीएमडी स्तर ही पर संभव है। ऐसे में एक्सईएन अपने स्तर मनचाही पोस्टिंग दिलाने के लिए रिश्वत क्यों ले रहा था? चर्चा है कि मनचाही पोस्टिंग दिलाने की कड़ी में ऊपर स्तर तक तार जुड़े हुए हैं और पकड़े गए अभियंता व ठेकेदार बिचौलिए की भूमिका में थे। इसमें राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों कड़ी शामिल है।
आखिर डीपीसी सूची अब क्यों?
-मनचाही पोस्टिंग दिलाने का खेल तबादलों पर रोक के बाद भी जारी रहा। इसीलिए प्रमोशन के बाद पोस्टिंग देने का काम अब आगे बढ़ाया गया।
-अभियंताओं की डीपीसी 1 अप्रेल, 2022 को होनी थी, लेकिन सूची तबादला प्रक्रिया रुकने के बाद क्यों जारी की गई? चर्चा है कि यही सही समय था, जब अभियंताओं पर प्रमोशन और फिर मनचाही पोस्टिंग के लिए आसानी से दबाव बनाया जा सकता था।
दो मगरमच्छ कौन?
निगम में बुधवार को दो 'मगरमच्छ' की चर्चा जोरों पर रही। इनमें एक प्रशासनिक अधिकारी और दूसरा राजनीतिक दखल रखने वाला व उनका कृपा पात्र व्यक्ति है। चर्चा है कि दोनों की ऊपरी स्तर पर अच्छी सांठगांठ है और ट्रांसफर-पोस्टिंग में इनका पूरा दखल रहा। ये लोग भी एसीबी के रडार पर हैं।
यह भी
- कुंज बिहारी गुप्ता को निदेशक के तकनीकी सहायक पद पर नियुक्त किया गया था, जबकि निदेशक पद काफी समय से खाली है।आखिर उन्हें वहां से दूसरी जगह नियुक्तउ क्यों नहीं दी गई?
- शारीरिक परेशानियों से पीड़ित कई कर्मचारियों ने तबादले की अर्जी लगा रखी थी, लेकिन कईयों का तबादला नहीं किया गया।
तीनों अभियंता निलंबित
निगम ने बुधवार को एक्सईएन कुंज बिहारी गुप्ता, जीनन जैन और जेईएन विपिन कुमार चौहान को निलम्बित कर दिया। साथ ही घटनाक्रम की जांच के लिए कमेटी बनाई।
सरगान तलाशने की इन पर भी जिम्मेदारी
-भंवर सिंह भाटी, ऊर्जा मंत्री
-भास्कर ए. सावंत, प्रमुख शाससन सचिव, ऊर्जा विभाग
-आशुतोष ए.टी. पेडणेकर, सीएमडी, राज्य विद्युत प्रसारण निगम
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- तीनों अभियंताओं को निलंबित करके विभागीय जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। इसमें जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
- महेंद्र प्रताप सिंह,सचिव, राज्य विद्युत प्रसारण निगम